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उत्तर प्रदेश: जघन्य अपराधों में त्वरित सजा दिलाने पर दिया गया जोर, सजा की दर 70 प्रतिशत तक पहुंचाने का रखा गया लक्ष्य

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उत्तर प्रदेश  Published by: Suraj Maurya , उत्तर प्रदेश  Edited By: Shikha Pandey, Date: 22/09/2026 11:54:22 am Share:
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  • Edited By.: Shikha Pandey,
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  • 22/09/2026 11:54:22 am
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: मीरजापुर जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में अभियोजन कार्यों की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: मीरजापुर जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में अभियोजन कार्यों की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में लंबित मामलों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने मुकदमों के त्वरित निस्तारण और प्रभावी पैरवी के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि अपराधियों को सजा दिलाने के लिए न्यायालय में मजबूत और प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जाए, ताकि सजा की दर में बढ़ोतरी हो। उन्होंने अभियोजन अधिकारियों को केस डायरी को समय से अपडेट रखने और साक्ष्यों की गुणवत्ता बेहतर करने के निर्देश दिए। महिला उत्पीड़न, पॉक्सो एक्ट, आबकारी, एनडीपीएस, गुंडा एक्ट और गैंगस्टर एक्ट से जुड़े मामलों को लेकर डीएम ने विशेष सतर्कता बरतने को कहा। उन्होंने गवाहों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित कराने और साक्ष्यों को निर्धारित समय पर न्यायालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही गवाहों के पक्षद्रोही होने की स्थिति को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा।

डीएम ने अभियोजन और पुलिस विभाग के बीच बेहतर समन्वय पर जोर देते हुए जमानत निरस्तीकरण से संबंधित प्रस्ताव समय से भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने जघन्य अपराधों में जल्द सजा दिलाने के लिए प्रभावी रणनीति के साथ कार्य करने को कहा। बैठक में विभिन्न थानों से संबंधित लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता है और अपराधियों में कानून का भय कायम करना जरूरी है। अभियोजन कार्यों में तकनीक के इस्तेमाल से पारदर्शिता बढ़ाने, अधिकारियों को प्रशिक्षण देकर उनकी कार्यक्षमता बढ़ाने और बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को सम्मानित करने पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने अभियोजन विभाग के लिए सजा की दर को 70 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया। बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व विनोद कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी चुनार, क्षेत्राधिकारी सिटी, क्षेत्राधिकारी मड़िहान, क्षेत्राधिकारी कार्यालय सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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