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उत्तर प्रदेश: अफजाल अंसारी को हाईकोर्ट से राहत, गिरफ्तारी पर रोक; शस्त्र लाइसेंस मामले में जांच जारी

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उत्तर प्रदेश  Published by: Ramkesh Vishwakarma , उत्तर प्रदेश  Edited By: Kunal Tewatia, Date: 04/08/2026 10:40:14 am Share:
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  • Published by.: Ramkesh Vishwakarma ,
  • Edited By.: Kunal Tewatia,
  • Date:
  • 04/08/2026 10:40:14 am
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: सपा सांसद अफजाल अंसारी समेत अन्य के खिलाफ गाजीपुर में शस्त्र लाइसेंसों की मूल फ़ाइलें गायब कराने और फर्जी पते पर शस्त्र लाइसेंस लेने के आरोप में एफआईआर दर्ज हुई है।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: सपा सांसद अफजाल अंसारी समेत अन्य के खिलाफ गाजीपुर में शस्त्र लाइसेंसों की मूल फ़ाइलें गायब कराने और फर्जी पते पर शस्त्र लाइसेंस लेने के आरोप में एफआईआर दर्ज हुई है। इसी मामले को लेकर अफजाल अंसारी ने हाईकोर्ट का रुख किया है। याचिका दाखिल कर अफजाल अंसारी ने एफआईआर रद्द करने की मांग की थी। इसी मामले कीसुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने फिलहाल अफजाल अंसारी की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।गाजीपुर में दिवंगत माफिया मुख्तार अंसारी के आईएस-191 गैंग और उसके सहयोगियों को जारी शस्त्र लाइसेंसों की जांच कर रही पुलिस ने गाजीपुर के सांसद अफजाल अंसारी, तत्कालीन शस्त्र लिपिक अशफाक अहमद और शस्त्र लिपिक द्वितीय गौरी शंकर राम के खिलाफ कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज की है। गाजीपुर के पुलिस अधीक्षक महोदय डॉक्टर इरज राजा सभी थानों को सूचित कर दिए है कि कोई भी अपराधी बचकर जाने में उपाय जांच करने के बाद अपराधियों को कठोर से कठोर कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेजने का कार्य किया जाए

इन पर आपराधिक साजिश के तहत शस्त्र लाइसेंस और हथियारों की खरीद-बिक्री से संबंधित मूल पत्रावली अभिलेखागार से गायब कराने का आरोप है, ताकि हथियारों के दुरुपयोग को छिपाया जा सके। गाजीपुर के पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा के मुताबिक मुख्तार अंसारी गैंगआईएस-191) के सदस्यों और सहयोगियों को जारी 51 शस्त्र लाइसेंसों पर खरीदे-बेचे गए 145 हथियारों का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। इस जांच के लिए अपर पुलिस अधीक्षक नगर एवं ग्रामीण के नेतृत्व में कई टीमें गठित की गई हैं। इन टीमों ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ-साथ दिल्ली, पंजाब और अरुणाचल प्रदेश तक जाकर जिला मजिस्ट्रेट कार्यालयों और लाइसेंसी हथियार विक्रेताओं के रिकॉर्ड की जांच की।जांच में अभिलेखागार से शस्त्र लाइसेंस की पत्रावलियां गायब मिलीं

जांच के दौरान गाजीपुर जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय के अभिलेखागार में कई शस्त्र लाइसेंसों और हथियारों की खरीद-बिक्री से संबंधित मूल पत्रावलियां गायब मिलीं। इसके अलावा, कुछ हथियारों की वर्तमान स्थिति का भी पता नहीं चल सका। जांच में हथियारों की खरीद-बिक्री में अनियमितताओं के तथ्य भी सामने आए हैं। इसी कड़ी में, अफजाल अंसारी के नाम जारी लाइसेंस संख्या 1188 पी-2 की पत्रावली और खरीद-बिक्री संबंधी रिकॉर्ड अभिलेखागार से गायब पाए गए। साथ ही, उस लाइसेंस पर खरीदी गई रायफल नंबर 830405 की वर्तमान स्थिति भी स्पष्ट नहींहो सकी। इसी आधार पर यह मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस अधीक्षक ईरज राजा ने बताया कि कोतवाली थाना में मुकदमा संख्या 535/2026 के तहत आईपीसी की धारा 409, 120-बी और आर्म्स एक्ट की धारा 21/25 तथा 30 में एफआईआर दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उन्होंने यह भी बताया कि शेष शस्त्र लाइसेंसों और हथियारों का सत्यापन अभी जारी है। जांच में जहां भी अनियमितताएं सामने आएंगी, वहां संबंधित लोगों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।गाजीपुर में मुख्तार अंसारी गैंग (आईएस-191) से जुड़े शस्त्र लाइसेंसों की जांच में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। इसी क्रम में सांसद अफजाल अंसारी और तत्कालीन शस्त्र लिपिक प्रेमशंकर वर्मा के खिलाफ मुहम्मदाबाद थाने में सोमवार की शाम 4 बजे आर्म्स एक्ट के तहत एक और मुकदमा दर्ज किया गया है। यह इस मामले में दर्ज चौथी एफआईआर है। 


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