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उत्तर प्रदेश: जनजातीय भूमिबैनामा मामले में जांच शुरू, सोनभद्र में 48 बैनामे होंगे निरस्त
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संक्षेप
उत्तर प्रदेश: आदिवासी समाज के जमीन पर तेजी से बढ़ रहे मुस्लिम आबादी तथा पिछले कुछ वर्षों में रजिया के नाम से खरीदी गई जमीन के मामले में प्रशासन ने कार्यवाई शुरू कर दी है.
विस्तार
उत्तर प्रदेश: आदिवासी समाज के जमीन पर तेजी से बढ़ रहे मुस्लिम आबादी तथा पिछले कुछ वर्षों में रजिया के नाम से खरीदी गई जमीन के मामले में प्रशासन ने कार्यवाई शुरू कर दी है. इन सभी जमीनों के बैनामे निरस्त कर दिए जाएंगे. यह मामला सोनभद्र जिले के दुद्धी तहसील क्षेत्र अंतर्गत बघाडू गांव का है. पिछले कुछ वर्षों में रजिया के नाम से बघाडू और उसके आसपास ज्यादा जमीन खरीदी गई थी. रजिया मूल रूप से आदिवासी है, लेकिन उसने मुस्लिम समुदाय के बहादुर नामक व्यक्ति से शादी की है. नियमों के मुताबिक एससी-एसटी की जमीन कोई दूसरा व्यक्ति नहीं खरीद सकता लेकिन कागजों में रजिया के आदिवासी नाम का फायदा उठाकर धड़ल्ले से जमीन का सौदाकर इसी जमीन पर मुस्लिम परिवार बसाने का मामला सामने आया था. आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र इस गांव में अच्छी खासी मुस्लिम आबादी हो चुकी है. इस मामले के संबंध में भाजपा जिला अध्यक्ष नंदलाल गुप्ता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर बघाडू गांव मे एकाएक बढ़ी समुदाय विशेष की आबादी और जनजाति समाज की महिलाओं से शादी व पत्नी की तरह संबंध बनाकर जमीन हथियाने की जानकारी दी थी. मुख्यमंत्री की ओर से इस मामले की जांच करने के निर्देश दिए गए थे. लेकिन प्रशासन द्वारा कोई कठोर कदम नहीं उठाया गया था. इस मामले की समाचार पत्रों में प्रकाशित होने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई करना शुरू कर दिया है. प्रशासन की छानबीन में सिर्फ बघाडू गांव में ही रजिया के नाम 34 और नन्हकी के नाम 14 बैनामे पाए गए हैं. इसमें 45 बीघा से अधिक भूमि शामिल है. बै ना में को रद्द करने के लिए प्रशासन ने संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है. कोई अड़चन आए तो यह सभी जमीन सरकारी खाते में दर्ज कर ली जाएगी. प्राप्त जानकारी के अनुसार, दुद्धी तहसील क्षेत्र के बघा डू गांव में जनजाति समाज से जुड़ी रहीं सिर्फ दो महिलाओं के जरिए बहादुर नामक व्यक्ति और उनसे जुड़े परिवार, रिश्तेदार और परिचितों ने 48 बैनामे करवाए. धारा 80 के जरिए जमीन की खरीद- बिक्री की प्रक्रिया अपनाई गई. इन बैनामों को निरस्त करने के लिए तहसील न्यायालय में वाद दाखिल करते हुए संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया गया है. नियम के विरुद्ध गलत ढंग से हुई खरीद- बिक्री को रद्द करते हुए प्रशासन भूमि का सरकारी खाते में दर्ज करने की तैयारी में है। एक ओर बहादुर अली पत्नी रजिया को अनुसूचित जनजाति की महिला दर्शाते हुए बघाडू 34 जमीनें में (लगभग 38 बीघा ) बैनामा करवाई गई. वही कथित नन्हकी को कभी कभी सुंदरी तो कभी कोरची गांव का निवासी बताते हुए 14 बैनामें (लगभग 7 बीघे से अधिक) कराए गए।
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