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उत्तर प्रदेश: 62.30 लाख रुपये के गबन के आरोप में ग्राम प्रधान अजीत सिंह पिंटू गिरफ्तार

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उत्तर प्रदेश  Published by: Irshad Ahmad , उत्तर प्रदेश  Edited By: Kunal Tewatia, Date: 21/10/2026 04:56:24 pm Share:
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  • Edited By.: Kunal Tewatia,
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  • 21/10/2026 04:56:24 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: थाना क्षेत्र की दमौदरा ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के सरकारी धन के दुरुपयोग और भारी वित्तीय अनियमितता के मामले में पुलिस ने ग्राम प्रधान अजीत कुमार सिंह उर्फ पिंटू को गिरफ्तार क लिया है।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: थाना क्षेत्र की दमौदरा ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के सरकारी धन के दुरुपयोग और भारी वित्तीय अनियमितता के मामले में पुलिस ने ग्राम प्रधान अजीत कुमार सिंह उर्फ पिंटू को गिरफ्तार क लिया है। यह कार्रवाई गोशाला की धनराशि को निजी खाते में ट्रांसफर करने और मनरेगा के अमृत सरोवर कार्य में हुए कथित फर्जीवाड़े की जांच के आधार पर की गई है। विभागीय जांच रिपोर्ट के मुताबिक, दमौदरा ग्राम पंचायत में संचालित अस्थायी गोआश्रय स्थल के मद में वित्तीय वर्ष 2023-24 से 2025-26 के दौरान कुल 62,30,849 रुपये आवंटित हुए थे। जांच में यह सनसनीखेज तथ्य सामने आया कि इस पूरी रकम को ग्राम प्रधान की माता के बैंक खाते में अवैध रूप से हस्तांतरित कर दिया गया था।

इसके अतिरिक्त, मनरेगा योजना के तहत अमृत सरोवर की खुदाई व सुंदरीकरण में भी गंभीर गड़बड़ी उजागर हुई है। मानकों को ताक पर रखकर मजदूरों की जगह जेसीबी मशीन से काम कराया गया और फर्जी मस्टररोल के जरिए मजदूरी मद में 28,81,900 रुपये का भुगतान दर्शाया गया। मामले की पुष्टि होने पर उच्चाधिकारियों ने पहले ही ग्राम प्रधान के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकारों को सीज कर दिया था। इसके बाद 18 सितंबर 2026 को रामपुर थाने में ग्राम प्रधान अजीत कुमार सिंह और तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव संदीप कुमार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 316(5) (लोक सेवक द्वारा आपराधिक विश्वासघात) के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई थी।

पुलिस ने अब मुख्य आरोपी ग्राम प्रधान को गिरफ्तार कर विधिक प्रक्रिया पूरी करते हुए न्यायालय के समक्ष पेश करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, वित्तीय अभिलेखों और लेन-देन की गहन पड़ताल जारी है तथा तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव की भूमिका की भी जांच की जा रही है।


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