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मध्य प्रदेश: 8 सूत्रीय मांगों को लेकर भारतीय किसान संघ का हुआ प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
- Photo by : SOCIAL MEDIA
संक्षेप
मध्य प्रदेश: मुरैना जिले के पोरसा में भारतीय किसान संघ ने किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। तहसील अध्यक्ष विश्वनाथ सिंह भदौरिया के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए।
विस्तार
मध्य प्रदेश: मुरैना जिले के पोरसा में भारतीय किसान संघ ने किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। तहसील अध्यक्ष विश्वनाथ सिंह भदौरिया के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए। धरने के बाद किसानों ने नारेबाजी करते हुए तहसील कार्यालय तक मार्च निकाला और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित 8 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा। संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों का जल्द समाधान नहीं किया गया तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। भारतीय किसान संघ का धरना पोरसा के रेस्ट हाउस परिसर में आयोजित किया गया, जहां किसानों ने कृषि से जुड़ी समस्याओं और सरकारी व्यवस्थाओं में आ रही दिक्कतों को लेकर अपनी नाराजगी जताई। इसके बाद सभी किसान एकजुट होकर तहसील कार्यालय पहुंचे और प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री तक अपनी मांगें पहुंचाईं। प्रदर्शन में विश्वनाथ सिंह भदौरिया, धीरेंद्र सिंह तोमर, रामपाल सिंह तोमर, रामनरेश सिंह तोमर, अशोक सिंह तोमर, आनंद सिंह तोमर, धर्म सिंह, श्यामू सिंह, फेरन सिंह, मनवीर सिंह, परिमल सिंह सहित करीब पचास से अधिक किसान मौजूद रहे। ज्ञापन में किसानों ने खाद वितरण व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए सर्वर की गति बढ़ाने की मांग की। उनका कहना है कि तकनीकी समस्याओं के कारण किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रही है। इसके अलावा सुपर फॉस्फेट और डीएपी खाद को बिना पंजीयन खुले बाजार में उपलब्ध कराने तथा रॉक फॉस्फेट को तहसील स्तर पर कृषि विभाग के माध्यम से उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई। किसानों ने फार्मर आईडी बनाने की प्रक्रिया को तेज करने की मांग करते हुए कहा कि कई बड़े पटवारी हल्कों में अभी तक बड़ी संख्या में किसानों की फार्मर आईडी नहीं बन सकी है। इसके लिए विशेष शिविर लगाकर अभियान चलाने की आवश्यकता है। वहीं नामांतरण से जुड़े मामलों में भी व्यावहारिक समाधान की मांग की गई। किसानों का कहना है कि जिन परिवारों में दो या अधिक बहनें हैं, वहां सभी के एक साथ उपस्थित न होने के कारण नामांतरण की प्रक्रिया लंबित हो जाती है। ऐसे मामलों में बयान अलग-अलग माध्यमों से दर्ज करने की व्यवस्था की जानी चाहिए। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि कृषि विभाग की त्रुटियों का खामियाजा किसानों को वर्षों तक भुगतना पड़ रहा है। कई किसान तीन-तीन साल से विभागीय गलतियों के कारण परेशान हैं। इसलिए विभाग द्वारा की गई त्रुटियों को तत्काल सुधारने और जिन किसानों के परिमार्जन के मामले लंबित हैं, उनका शीघ्र निस्तारण करने की मांग की गई। इसके साथ ही किसानों ने पर्याप्त मात्रा में डीएपी और एएसपी खाद उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया। उनका कहना है कि वर्तमान में उपलब्ध विकल्प पोषक तत्वों के हिसाब से महंगे साबित हो रहे हैं। भारतीय किसान संघ ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि उनकी 8 सूत्रीय मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन किसानों के हित में व्यापक आंदोलन शुरू करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
