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मध्य प्रदेश: तीन दिन की बारिश ने खोली विकास की पोल, महल सराय में आदिवासी परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट
- Photo by : SOCIAL MEDIA
संक्षेप
मध्य प्रदेश: शिवपुरी जिले में लगातार तीन दिनों से हो रही बारिश ने आम जनजीवन को प्रभावित किया है।
विस्तार
मध्य प्रदेश: शिवपुरी जिले में लगातार तीन दिनों से हो रही बारिश ने आम जनजीवन को प्रभावित किया है। वहीं शहर के महल सराय वार्ड क्रमांक 24 में रहने वाले आदिवासी समाज के गरीब मजदूर परिवारों के सामने बारिश ने गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। लगातार बारिश के चलते कई परिवारों के लिए घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करने वाले लोगों के सामने रोजगार ठप होने के साथ ही भोजन का संकट भी खड़ा हो गया है। स्थानीय स्थिति का जायजा लेने पहुंचे लोगों के अनुसार वार्ड में कई परिवार बेहद आर्थिक तंगी में जीवन गुजार रहे हैं। इन परिवारों की रोजमर्रा की जिंदगी मजदूरी पर निर्भर है। जिस दिन काम मिलता है, उसी दिन घर का चूल्हा जलता है। ऐसे में तीन दिनों से जारी बारिश ने मजदूरी के अवसरों को प्रभावित कर दिया है, जिससे परिवारों के सामने दो वक्त के भोजन की व्यवस्था करना भी चुनौती बन गया है। 80 साल बाद भी विकास पर सवाल देश आजादी के 80 वर्ष पूरे होने का जश्न मना चुका है, लेकिन महल सराय के इस हिस्से की स्थिति विकास के दावों पर सवाल खड़े कर रही है। एक ओर शहरों में स्मार्ट सुविधाओं और विकास कार्यों की चर्चा होती है, वहीं दूसरी ओर गरीब और आदिवासी परिवार बारिश, बेरोजगारी और भोजन की चिंता के बीच जीवन गुजारने को मजबूर हैं। यह स्थिति केवल बारिश से पैदा हुई परेशानी नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की जमीनी स्थिति को भी सामने लाती है। इन परिवारों के पास ऐसी आपदा से निपटने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। कलेक्टर से मौके पर निरीक्षण की मांग स्थानीय स्तर पर जिला प्रशासन से मांग की गई है कि कलेक्टर स्वयं महल सराय वार्ड क्रमांक 24 पहुंचकर मौके का निरीक्षण करें, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। साथ ही जरूरतमंद परिवारों को तत्काल भोजन, आवश्यक सामग्री और बारिश से बचाव की सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कार्रवाई की मांग की गई है। चुनाव में घर-घर पहुंचने वाले नेताओं से सवाल स्थानीय लोगों ने जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि चुनाव के दौरान नेता और जनप्रतिनिधि घर-घर पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनते हैं और विकास एवं मदद के बड़े-बड़े वादे करते हैं। लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद इन्हीं गरीब परिवारों की समस्याओं की सुध लेने वाला कोई नजर नहीं आता।स्थानीय लोगों का सवाल है कि यदि गरीब परिवारों की समस्याएं चुनाव के समय महत्वपूर्ण हैं, तो चुनाव के बाद उनकी जिम्मेदारी कौन उठाएगा? जनप्रतिनिधियों और सक्षम लोगों से मदद की अपील स्थानीय लोगों ने शिवपुरी जिले के जनप्रतिनिधियों और सक्षम नागरिकों से राजनीति से ऊपर उठकर जरूरतमंद परिवारों की मदद के लिए आगे आने की अपील की है। उनका कहना है कि बारिश जैसी स्थिति में किसी गरीब परिवार को भोजन के लिए भी परेशान होना पड़े, तो यह प्रशासन और पूरे समाज के लिए चिंता का विषय है।महल सराय वार्ड क्रमांक 24 की स्थिति फिलहाल सिर्फ एक बस्ती की समस्या नहीं, बल्कि उन मजदूर परिवारों की परेशानी को सामने लाती है जो रोज कमाकर अपना घर चलाते हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि इन परिवारों की समस्या पर कितनी गंभीरता से ध्यान देते हैं।
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