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Kolkatta Durga Pooja Case: र्गा पूजा पंडाल में भगदड़ से 19 लोगों की मौत, 35 घायल; भारी बारिश के बीच मची अफरा-तफरी
- Photo by : social media
संक्षेप
कोलकाता: दुर्गा पूजा के उत्सव के बीच पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में एक दर्दनाक हादसा सामने आया। 17 अक्टूबर 2026 को उत्तर कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ मचने से कम से कम 17
विस्तार
कोलकाता: दुर्गा पूजा के उत्सव के बीच पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में एक दर्दनाक हादसा सामने आया। 17 अक्टूबर 2026 को उत्तर कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ मचने से कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई। इस घटना में कई लोग घायल हुए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। शुरुआती पुलिस जानकारी के अनुसार, करीब 35 लोगों को कोलकाता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया था। प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना शनिवार शाम करीब 7:40 बजे गिरिश पार्क थाना क्षेत्र स्थित चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल के निकास द्वार के पास हुई। उस समय पंडाल में देवी दुर्गा के दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। इसी दौरान बारिश शुरू होने से वहां मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। पुलिस के शुरुआती बयान के मुताबिक, बारिश के बीच पंडाल के बाहर इंतजार कर रहे लोग आगे बढ़ने लगे। भीड़ का दबाव बढ़ने से कुछ लोग गिर पड़े, जिसके बाद भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। हादसे के दौरान कई लोग एक-दूसरे के ऊपर गिर गए और लोगों को बाहर निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ा। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और आपदा प्रबंधन दल मौके पर पहुंचे। राहत एवं बचाव कार्य शुरू करते हुए घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सा दलों को भी सहायता के लिए लगाया गया। हादसे के बाद संबंधित पूजा पंडाल को श्रद्धालुओं के प्रवेश के लिए बंद कर दिया गया। अस्पताल में घायलों का उपचार किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और पुलिस की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए थीं। दुर्गा पूजा पश्चिम बंगाल का प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक पर्व है। इन दिनों कोलकाता के विभिन्न पूजा पंडालों में बड़ी संख्या में लोग देवी दुर्गा के दर्शन करने पहुंचते हैं। ऐसे में इस हादसे ने उत्सव के माहौल को गहरे दुख में बदल दिया। इस घटना ने बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान भीड़ नियंत्रण, प्रवेश और निकास मार्गों की व्यवस्था तथा आपातकालीन सुरक्षा इंतजामों के महत्व को फिर सामने ला दिया है। भारी भीड़ और बारिश जैसी परिस्थितियों में सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना बेहद जरूरी होता है। नोट: यह समाचार 17 अक्टूबर 2026 को सामने आई शुरुआती रिपोर्टों पर आधारित है। मृतकों और घायलों की संख्या में बाद में बदलाव की जानकारी भी सामने आई थी, इसलिए प्रकाशन से पहले नवीनतम आधिकारिक आंकड़ों की पुष्टि करना उचित होगा।
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