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महाराष्ट्र: बेसा डंपिंग यार्ड में कचरे का अंबार, दुर्गंध और आवारा कुत्तों से नागरिक परेशान
- Photo by : SOCIAL MEDIA
संक्षेप
महाराष्ट्र: नागपुर में बेसा नगरपंचायत क्षेत्र के डंपिंग यार्ड में कचरे के बढ़ते ढेर और प्रशासन की कथित लापरवाही से स्थानीय नागरिकों की परेशानी बढ़ गई है।
विस्तार
महाराष्ट्र: नागपुर में बेसा नगरपंचायत क्षेत्र के डंपिंग यार्ड में कचरे के बढ़ते ढेर और प्रशासन की कथित लापरवाही से स्थानीय नागरिकों की परेशानी बढ़ गई है। क्षेत्र में जगह-जगह जमा कचरे के कारण तेज दुर्गंध फैल रही है। वहीं, कचरे के ढेर पर आवारा कुत्तों का जमावड़ा रहने से नागरिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई जा रही है।बेसा क्षेत्र की खुली जगहों और शेड के नीचे बड़ी मात्रा में कचरा जमा होने की बात सामने आई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, नियमित रूप से कचरा नहीं उठाए जाने के कारण धीरे-धीरे कचरे के बड़े-बड़े ढेर बन गए हैं। बारिश के दौरान कचरे में पानी जमा होने से स्थिति और खराब हो जाती है तथा दुर्गंध के साथ मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ जाता है। नागरिकों का कहना है कि इस स्थिति का सबसे अधिक असर बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। लंबे समय तक कचरा जमा रहने से आसपास का वातावरण प्रदूषित होने के साथ ही संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है। आवारा कुत्तों से हादसे का डर डंपिंग यार्ड के आसपास बड़ी संख्या में आवारा कुत्ते घूमते रहते हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, रात और सुबह के समय यहां से गुजरने वाले नागरिकों तथा वाहन चालकों के पीछे कुत्तों के दौड़ने की घटनाएं सामने आती हैं। इससे सड़क हादसे और कुत्तों के काटने का खतरा बना हुआ है। स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि गीले और सूखे कचरे का उचित पृथक्करण नहीं हो रहा है। संबंधित फीडबैक कंपनी की ओर से गीले कचरे से खाद बनाने की बात कही जाती है, लेकिन नागरिकों का दावा है कि गीला और सूखा कचरा मिश्रित होकर डंपिंग यार्ड तक पहुंच रहा है। इससे कचरा प्रबंधन की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। नागरिकों ने संबंधित कंपनी के प्रबंधन और नगरपंचायत प्रशासन से व्यवस्था सुधारने की मांग की है। उनका कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। तत्काल सफाई की मांग स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने डंपिंग यार्ड से तत्काल कचरा उठाने, गीले और सूखे कचरे को अलग करने तथा नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो नगरपंचायत कार्यालय पर मोर्चा निकाला जा सकता है। नागरिकों ने नगराध्यक्ष कीर्तीताई बडोले, उपनगराध्यक्ष नरेश भाऊ भोयर, मुख्य अधिकारी भारत नंदनवार और स्वास्थ्य सभापति जितेंद्र चांदुरकर से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। साथ ही महिला एवं बालविकास मंत्री पंकजा मुंडे से भी इस मामले में कार्रवाई की अपील की गई है। फिलहाल बेसा डंपिंग यार्ड में कचरा प्रबंधन को लेकर उठ रहे सवालों के बीच नागरिकों को प्रशासन की ओर से ठोस कार्रवाई का इंतजार है।
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