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उत्तर प्रदेश: गाजीपुर में बढ़ते बाढ़ के जलस्तर को लेकर प्रशासन अलर्ट, डीएम अनुपम शुक्ला ने अधिकारियों को दिए राहत-बचाव के निर्देश
- Photo by : social media
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: गंगा नदी सहित जिले की अन्य नदियों के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: गंगा नदी सहित जिले की अन्य नदियों के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। बाढ़ की संभावित स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने संबंधित अधिकारियों को प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने तथा राहत और बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की है कि बढ़ते जलस्तर को देखते हुए किसी भी तरह का जोखिम न लें और बाढ़ प्रभावित अथवा संभावित बाढ़ वाले क्षेत्रों से सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। उन्होंने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। डीएम ने सभी उप जिलाधिकारियों और तहसील स्तरीय अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर बाढ़ की स्थिति का स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए। अधिकारियों को जलस्तर, प्रभावित गांवों, आवागमन की स्थिति और राहत कार्यों की नियमित निगरानी करने को कहा गया है। किसी भी क्षेत्र से सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। एनडीआरएफ और बचाव दल को सक्रिय रखने के निर्देश जिलाधिकारी ने एनडीआरएफ एवं अन्य बचाव दलों को लगातार सक्रिय और चक्रमणशील रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल रेस्क्यू और राहत कार्य शुरू किए जा सकें। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि बाढ़ के कारण किसी भी प्रकार की जनहानि रोकने के लिए सभी जरूरी सुरक्षा उपाय पहले से सुनिश्चित किए जाएं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए भोजन, पेयजल और अन्य आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। प्रशासन ने पर्याप्त मात्रा में राहत सामग्री उपलब्ध रखने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को कहा गया है कि जरूरतमंद परिवारों की प्राथमिकता के आधार पर राहत सामग्री का वितरण लगातार जारी रखा जाए और प्रभावित लोगों की आवश्यकताओं का नियमित आकलन किया जाए। बाढ़ की स्थिति में पशुओं की सुरक्षा को लेकर भी विशेष निर्देश दिए गए हैं। पशुपालकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए जागरूक करने के साथ पशुओं के लिए चारा, पानी और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। नदी और बाढ़ के पानी के पास जाने से रोकने के निर्देश डीएम ने पुलिस और प्रशासनिक टीमों को संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार भ्रमण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों और युवाओं द्वारा बाढ़ के पानी अथवा नदी में नहाने की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए ऐसे स्थानों पर बैरिकेडिंग कराने के निर्देश दिए। लोगों को नदी, नहर, तालाब और बाढ़ के पानी के पास जाने से रोकने के लिए पुलिस एवं स्थानीय प्रशासन को सक्रिय रहने को कहा गया है। जिलाधिकारी ने अभिभावकों से भी अपील की कि वे अपने बच्चों को बढ़ते जलस्तर के दौरान नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास न जाने दें। उन्होंने कहा कि थोड़ी सी लापरवाही गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। डीएम ने कहा कि जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, एनडीआरएफ/बचाव दल और संबंधित विभागों की टीमें पूरी तत्परता से कार्य कर रही हैं। बाढ़ की स्थिति सामान्य होने तक सभी अधिकारी अपने क्षेत्रों में सतर्क रहें और किसी भी आकस्मिक स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि राहत और बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
