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उत्तर प्रदेश: बरेली नमाज विवाद इलाहाबाद हाईकोर्ट का सख्त रुख, DM-SSP को कोर्ट में पेश होने का आदेश
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संक्षेप
उत्तर प्रदेश: बरेली बरेली में जनवरी में सामने आए नमाज विवाद मामले में Allahabad High Court ने सख्त रुख अपनाते हुए जिला प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: बरेली बरेली में जनवरी में सामने आए नमाज विवाद मामले में Allahabad High Court ने सख्त रुख अपनाते हुए जिला प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए बरेली के जिलाधिकारी अविनाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य को अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया है यह आदेश न्यायमूर्ति Atul Sreedharan और न्यायमूर्ति Siddharth Nandan की खंडपीठ ने रिट याचिका संख्या 5646/2026 (तारिक खान बनाम उत्तर प्रदेश राज्य) की सुनवाई के दौरान दिया। अदालत ने स्पष्ट कहा कि यदि दोनों अधिकारी 23 मार्च 2026 को अदालत में उपस्थित नहीं होते हैं तो उनकी उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया जा सकता है। घर में नमाज पढ़ने पर उठाकर ले गई पुलिस, पीड़ित ने कोर्ट में लगाए आरोप। सुनवाई के दौरान उस मकान के मालिक हसीन खान का बयान अदालत में दर्ज किया गया, जहां 16 जनवरी 2026 को नमाज पढ़ी जा रही थी। हसीन खान ने आरोप लगाया कि उस दिन वह अपने घर में परिवार के साथ नमाज अदा कर रहे थे, तभी पुलिस पहुंची और उन्हें थाने ले जाकर चालान कर दिया। उन्होंने अदालत को बताया कि बाद में गांव के कुछ लोगों ने उन्हें धमकी दी कि अगर उन्होंने अदालत में उनकी बात के मुताबिक बयान नहीं दिया तो उनके घर पर बुलडोजर चलवा दिया जाएगा। हसीन खान का कहना है कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें गांव के बाहर रोककर एक लिखित कागज पर अंगूठा लगवा लिया, जिसे वह पढ़ नहीं सके क्योंकि वह पढ़े-लिखे नहीं हैं। सरकार का पक्ष: निजी जमीन पर नमाज के लिए अनुमति का दावा मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त महाधिवक्ता Anoop Trivedi से पूछा कि क्या उस दिन निजी संपत्ति पर नमाज पढ़ने के लिए अनुमति ली गई थी। सरकार की ओर से कहा गया कि मौके पर मौजूद लोगों से अनुमति लेने का उल्लेख चालान में दर्ज है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले को अंतिम आदेश के लिए 23 मार्च 2026 को सूचीबद्ध कर दिया। हसीन खान को 24 घंटे सुरक्षा देने का आदेश अदालत ने हसीन खान की ओर से सुरक्षा की मांग को गंभीरता से लेते हुए तत्काल सुरक्षा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि दो सशस्त्र गार्ड 24 घंटे उनकी सुरक्षा में तैनात रहेंगे। साथ ही अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि हसीन खान या उनकी संपत्ति को कोई नुकसान पहुंचता है तो प्रथम दृष्टया राज्य सरकार को जिम्मेदार माना जाएगा।
अदालत ने प्रशासन को भेजी आदेश की प्रति। खंडपीठ ने निर्देश दिया है कि आदेश की प्रति तुरंत एडवोकेट जनरल कार्यालय को भेजी जाए ताकि सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की देरी न हो अब इस मामले में अगली और संभावित रूप से निर्णायक सुनवाई 23 मार्च 2026 को दोपहर 2 बजे होगी। बरेली नमाज विवाद: इलाहाबाद हाईकोर्ट सख्त, DM-SSP को 23 मार्च को कोर्ट में पेश होने का आदेश बरेली नमाज विवाद मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा आदेश। DM और SSP को 23 मार्च को कोर्ट में पेश होने का निर्देश, हसीन खान को 24 घंटे सुरक्षा देने के आदेश।