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उत्तर प्रदेश: फर्जी कार लोन गिरोह का हुआ भंडाफोड़, करोड़ों की लग्जरी गाड़ियां की बरामद
- Photo by : social media
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: बरेली के थाना बारादरी पुलिस ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैंकों से कार लोन के नाम पर धोखाधड़ी कर कई महंगी गाड़ियां निकालने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चार लग्जरी गाड़ियां,
विस्तार
उत्तर प्रदेश: बरेली के थाना बारादरी पुलिस ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैंकों से कार लोन के नाम पर धोखाधड़ी कर कई महंगी गाड़ियां निकालने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चार लग्जरी गाड़ियां, आय प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण पत्र बरामद किए हैं। गिरोह पर फर्जी कागजात के जरिए वाहन फाइनेंस कराकर उन्हें दूसरे राज्यों में बेचने का आरोप है। पुलिस के अनुसार 22 मई 2026 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ लोग फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक से कार लोन लेकर निकाली गई। गाड़ियों को 99 बीघा मैदान में इकट्ठा कर बाहर बेचने की तैयारी में हैं। सूचना पर थाना बारादरी प्रभारी निरीक्षक बिजेन्द्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर दबिश देकर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में मोहम्मद शमी उर्फ शेर पुत्र शराफत जान तथा उसका पुत्र मोहम्मद सैराब निवासी गार्डन सिटी, बीसलपुर चौराहा थाना बारादरी शामिल हैं। पुलिस ने मौके से चार गाड़ियां बरामद कीं, जिनमें एक किआ कैरेंस और तीन क्रेटा कार शामिल हैं। बरामद गाड़ियों में UP25EL9286 किआ कैरेंस , UP25EM7079 क्रेटा, UP25EH8824 क्रेटा , UP25EJ3091 क्रेटा। इसके अलावा पुलिस ने दो आय प्रमाण पत्र और दो निवास प्रमाण पत्र भी बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपी मोहम्मद सैराब ने पुलिस को बताया कि वह अपने पिता मोहम्मद शमी और अन्य साथियों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार करता था। गिरोह अब तक सात गाड़ियां फर्जी लोन पर निकलवा चुका है। इनमें से तीन गाड़ियों को अलग-अलग लोगों को बेच दिया गया। आरोपियों ने बताया कि गिरोह में बैंक कर्मचारी सहित कई लोग शामिल हैं, जो फर्जी दस्तावेजों पर गाड़ियों का फाइनेंस कराने और अपने नाम पर रजिस्ट्रेशन कराने का काम करते थे। पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य फर्जी पहचान और आय प्रमाण पत्र तैयार कर बैंक से वाहन फाइनेंस कराते थे। बाद में गाड़ियों को कम कीमत में दूसरे लोगों को बेच दिया जाता था। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ थाना बारादरी में मु0अ0सं0 671/2026 धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 61(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले से भी धोखाधड़ी और जालसाजी के कई मुकदमे दर्ज हैं। कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक बिजेन्द्र सिंह, उपनिरीक्षक मुनेन्द्र सिंह, हेड कांस्टेबल विनीत कुमार, फहीम चौधरी, गोलई यादव तथा कांस्टेबल यश गौड़ शामिल रहे।
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