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उत्तर प्रदेश: मंगई नदी की समस्या लेकर किसानों ने जल शक्ति मंत्री से लगाई गुहार, स्थायी समाधान की मांग

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उत्तर प्रदेश  Published by: Ramkesh Vishwakarma , उत्तर प्रदेश  Edited By: Kunal, Date: 23/06/2026 11:18:37 am Share:
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: जनपद गाजीपुर में करीमुद्दीनपुर/मोहम्मदाबाद । सालों से जलजमाव की मार झेल रहे कईल क्षेत्र के किसानों की आवाज अब सरकार के शीर्ष । स्तर तक पहुंच गई है। मंगई नदी की समस्या को बालेकर क्षेत्रीय किसानों का प्रतिनिधिमंडल किसान L नेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता मृत्युंजय राय के  नेतृत्व में गाजीपुर डाक बंगला पहुंचा, जहां उन्होंने प्रदेश के जल शक्ति एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री स्वतंत्र देव सिंह से मुलाकात कर स्थायी

विस्तार

उत्तर प्रदेश: जनपद गाजीपुर में करीमुद्दीनपुर/मोहम्मदाबाद । सालों से जलजमाव की मार झेल रहे कईल क्षेत्र के किसानों की आवाज अब सरकार के शीर्ष । स्तर तक पहुंच गई है। मंगई नदी की समस्या को बालेकर क्षेत्रीय किसानों का प्रतिनिधिमंडल किसान L नेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता मृत्युंजय राय के  नेतृत्व में गाजीपुर डाक बंगला पहुंचा, जहां उन्होंने प्रदेश के जल शक्ति एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री स्वतंत्र देव सिंह से मुलाकात कर स्थायी समाधान की मांग उठाई। किसानों ने मंत्री को बताया कि पिछले लगभग 35 वर्षों से शारदा सहायक नहर का अतिरिक्त पानी मंगई नदी में छोड़े जाने के कारण गाजीपुर की मोहम्मदाबाद, जहूराबाद और बलिया की फेफना विधानसभा क्षेत्र के हजारों हेक्टेयर उपजाऊ खेत जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि रबी सीजन में बुवाई का समय निकल जाता है और खेतों में पानी जमा रहता है। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि करईल क्षेत्र प्रदेश के सबसे उर्वर कृषि क्षेत्रों में गिना जाता है, जहां मसूर, चना, मटर, सरसों और तीसी जैसी फसलें बड़े पैमाने पर होती हैं, लेकिन लगातार जलभराव ने खेती की रीढ़ कमजोर कर दी है। किसानों के अनुसार इससे उत्पादन घट रहा है और आर्थिक संकट

गहराता जा रहा है। किसानों ने एक और गंभीर मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि कुछ लोग मंगई नदी के प्राकृतिक बहाव को रोककर अवैध रूप से मछली पालन और पकड़ने का काम करते हैं, जिससे जल निकासी और बाधित होती है। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की गई। ज्ञापन में मंगई नदी की सफाई, क्षमता वृद्धि, खुदाई, तटबंध निर्माण, जल निकासी की स्थायी व्यवस्था, प्रभावित किसानों को क्षतिपूर्ति, स्टेट ट्यूबवेल स्थापना और विभागीय संयुक्त समिति गठन जैसी मांगें प्रमुख रूप से शामिल रहीं।

जल में शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने किसानों की बात  गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने का आश्वासन दिया। साथ ही मंगई नदी की खुदाई और मर्मा दीर्घकालिक समाधान की दिशा में विभागीय पहल का भरोसा भी दिलाया। किसान नेता मृत्युंजय राय ऐसे ने कहा कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए  गए तो आने वाले वर्षों में खेती और किसानों रहे दोनों पर संकट और गहरा सकता है। बैठक के दौरान क्षेत्र  कई किसान और ग्रामीण प्रतिनिधि उपस्थित रहे। 

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