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उत्तर प्रदेश: 4 मार्च को चंद्र ग्रहण के कारण होलिका दहन का समय हुआ तय
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संक्षेप
उत्तर प्रदेश: होली का त्योहार हर साल चैत्र कृष्ण की प्रतिपदा को मनाया जाता है।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: होली का त्योहार हर साल चैत्र कृष्ण की प्रतिपदा को मनाया जाता है। इससे एक दिन पहले फाल्गुन मास की पूर्णिमा को होलिका दहन किया जाता है, लेकिन इस साल होली की तारीख को लेकर लोगों में काफी भ्रम है और इस भ्रम की वजह है चंद्र ग्रहण। इस साल फाल्गुन मास की पूर्णिमा को चंद्र ग्रहण लग रहा है। इस वजह से होलिका दहन के समय और रंगों के पर्व होली की तारीख को लेकर लोगों को काफी कंफ्यूजन है। अलग-अलग पंचांगों में अलग-अलग दिन होली मनाने की बात लिखी है। कहीं 3 मार्च को होली बताया जा रहा है तो कहीं 4 मार्च को एक इस उत्सव को मनाने का जिक्र है। काशी के ज्योतिषाचार्य पंडित संजय उपाध्याय के अनुसार, होली महापर्व से पहले होलिका दहन होता है, लेकिन इस बार चंद्र ग्रहण लगने की वजह से होली का त्यौहार होलिका दहन के अगले दिन नहीं बल्कि एक दिन बाद मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार फाल्गुन पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 2 मार्च 2026 को शाम से होगी जो अगले दिन यानी 3 मार्च को शाम 4:40 तक रहेगी. पूर्णिमा तिथि की शुरुआत के साथ ही भद्रा की शुरुआत हो जाएगी। ऐसे में होलिका दहन का सही समय 2 मार्च को रात 12 बजकर 50 मिनट से 2 बचकर 5 मिनट के बीच होगा, क्योंकि इस दिन ही रात्रि कालीन पूर्णिमा तिथि मिल रही है। शास्त्रों में होलिका दहन के लिए रात्रि कालीन पूर्णिमा का होना आवश्यक है। आमतौर से होलिका दहन के अगले दिन ही होली मनाई जाती है, लेकिन इस बार अगले दिन शाम को चंद्र ग्रहण भी लग रहा है। यह चंद्र ग्रहण 3 मार्च को शाम 6 बजकर 47 मिनट पर समाप्त होगा। इस दिन चैत्र कृष्ण प्रतिपदा तिथि का मान्य भी नहीं होगा.ऐसे में इस बार होली 4 मार्च को मनाई जाएगी।
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