Contact for Advertisement 9650503773


मध्य प्रदेश: रीवा अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत का आरोप, 30 हजार रिश्वत मांगने का दावा

- Photo by : social media

मध्य प्रदेश  Published by: Fulchand Malviya , मध्य प्रदेश  Edited By: Shubhi Shikha Nayal, Date: 01/09/2026 11:01:03 am Share:
  • मध्य प्रदेश
  • Published by.: Fulchand Malviya ,
  • Edited By.: Shubhi Shikha Nayal,
  • Date:
  • 01/09/2026 11:01:03 am
Share:

संक्षेप

मध्य प्रदेश: रीवा में संजय गांधी अस्पताल में प्रसव के दौरान एक गर्भवती महिला और उसके नवजात बच्चे की मौत का मामला सामने आया है। 

विस्तार

मध्य प्रदेश: रीवा में संजय गांधी अस्पताल में प्रसव के दौरान एक गर्भवती महिला और उसके नवजात बच्चे की मौत का मामला सामने आया है। परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही और इलाज के लिए 30 हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया है। मामले के सामने आने के बाद अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। परिजनों के अनुसार, कल्पना मिश्रा को प्रसव के लिए संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि प्रसव कक्ष में ले जाने के बाद वह अचानक बाहर आई और रोते हुए अपने पिता से जान बचाने की गुहार लगाने लगी। पिता ने उसे समझाकर वापस अंदर भेज दिया। कुछ समय बाद परिजनों को जच्चा और बच्चा दोनों की मौत की जानकारी दी गई।

मृतका के परिजनों का आरोप है कि डिलीवरी के लिए उनसे 30 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण परिजन रकम देने में असमर्थ थे। उनका आरोप है कि पैसे नहीं देने पर इलाज में लापरवाही बरती गई, जिसके चलते महिला और उसके नवजात बच्चे की मौत हो गई। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की। परिजनों का आरोप है कि शिकायत करने पर उनके साथ उचित व्यवहार नहीं किया गया और उन्हें ही डांट दिया गया। मामले ने तूल पकड़ा तो अस्पताल प्रबंधन ने डॉ. सोनम अग्रवाल और डॉ. निधि पांडे को निलंबित कर दिया।

निलंबन की कार्रवाई के बावजूद पीड़ित परिवार और सामाजिक कार्यकर्ताओं में नाराजगी बनी हुई है। उनका कहना है कि मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए। साथ ही रिश्वत मांगने, कथित चिकित्सकीय लापरवाही और परिजनों के साथ कथित अभद्र व्यवहार के आरोपों की जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की जांच और मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट होना महत्वपूर्ण है। यदि जांच में लापरवाही या रिश्वत मांगने के आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

Related News

राजस्थान: परशुराम कुंड की प्रतिकृति पाकर भाव-विभोर हुए राजेंद्र दास महाराज, विप्र फाउंडेशन ने किया सम्मान 

राजस्थान: नंदा का खेड़ा में 11 वर्षीय छात्र-छात्राओं की खेल प्रतियोगिता संपन्न, कबड्डी में कायमपुरा और नंदा का खेड़ा विजेता

उत्तर प्रदेश: गाजीपुर में पथरी के ऑपरेशन के बाद 26 वर्षीय युवक की मौत, परिजनों ने अस्पताल पर लापरवाही का लगाया आरोप

मध्य प्रदेश: पोरसा सब्जी मंडी में बारिश से दलदल, खरीदार परेशान; नगर पालिका सख्त कार्रवाई की तैयारी में

उत्तर प्रदेश: गोंडा में तीन दिवसीय खेल प्रतियोगिताओं का समापन, विजेता खिलाड़ियों को मेडल व प्रमाण पत्र देकर किया सम्मानित

हरियाणा: हिसार पुलिस का नशा तस्करों पर शिकंजा, एसपी सिद्धान्त जैन ने दी सख्त चेतावनी


Featured News