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मध्य प्रदेश: महंगाई के खिलाफ कांग्रेस का हल्लाबोल, चाय-शक्कर बांटकर सरकार पर साधा निशाना
- Photo by : social media
संक्षेप
मध्य प्रदेश: बढ़ती महंगाई के मुद्दे पर रविवार को सिंगोली में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।
विस्तार
मध्य प्रदेश: बढ़ती महंगाई के मुद्दे पर रविवार को सिंगोली में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर जिला कांग्रेस, ब्लॉक कांग्रेस और नगर कांग्रेस से जुड़े कार्यकर्ता सड़क पर उतरे। प्रदर्शन के दौरान शक्कर, पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों, मिलावट और महंगाई के मुद्दे को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नए बस स्टैंड से प्रदर्शन की शुरुआत की। इसके बाद रैली सब्जी मंडी और पेट्रोल पंप क्षेत्र से होते हुए गांधी भवन पहुंची, जहां प्रदर्शन का समापन किया गया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आम लोगों के बीच शक्कर वितरित की और चाय पिलाकर बढ़ती महंगाई के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि लगातार बढ़ती कीमतों का असर आम आदमी के घरेलू बजट पर पड़ रहा है। पेट्रोल-डीजल समेत रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी से आम जनता परेशान है। प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस ने सरकार से महंगाई पर प्रभावी नियंत्रण करने की मांग की। प्रदर्शन के बाद संगठन की एकजुटता पर चर्चा हालांकि प्रदर्शन के बाद सिंगोली के राजनीतिक गलियारों में कांग्रेस संगठन की एकजुटता को लेकर चर्चा शुरू हो गई। तहसील स्तर पर प्रदर्शन में अपेक्षाकृत कम कार्यकर्ताओं की मौजूदगी को लेकर सवाल उठाए गए। राजनीतिक जानकारों के बीच चर्चा है कि यदि कांग्रेस आगामी समय में जावद विधानसभा क्षेत्र में भाजपा को चुनौती देना चाहती है तो संगठन के भीतर चल रही कथित खींचतान को खत्म कर सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को एक मंच पर लाना होगा। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस की ओर से महंगाई के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया, लेकिन कार्यकर्ताओं की संख्या और संगठनात्मक सक्रियता को लेकर भी चर्चा देखने को मिली। स्थानीय राजनीतिक चर्चाओं में यह सवाल उठने लगा कि क्या कांग्रेस अपने संगठन को मजबूत करते हुए सभी गुटों को एकजुट कर पाएगी। आगामी चुनाव को लेकर बढ़ी राजनीतिक चर्चा सिंगोली में हुए प्रदर्शन ने महंगाई के मुद्दे के साथ-साथ कांग्रेस की संगठनात्मक स्थिति को भी चर्चा में ला दिया है। स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहा है कि यदि कांग्रेस के सभी नेता और कार्यकर्ता एकजुट होकर चुनावी मैदान में उतरते हैं तो पार्टी भाजपा को कितनी मजबूत चुनौती दे पाएगी। फिलहाल कांग्रेस ने प्रदर्शन के जरिए महंगाई को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया है। वहीं, प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी और संगठनात्मक एकजुटता को लेकर उठे सवालों ने स्थानीय राजनीति को नई चर्चा दे दी है। अब देखना होगा कि आगामी समय में कांग्रेस अपने संगठन को कितना मजबूत और एकजुट कर पाती है और इसका असर जावद विधानसभा क्षेत्र की राजनीति पर किस तरह दिखाई देता है।
