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मध्य प्रदेश: थानों में मीडिया प्रवेश प्रतिबंध पर पुलिसकर्मियों की सामंती मानसिकता पर उठाया सवाल
- Photo by : social media
संक्षेप
मध्य प्रदेश: मेरठ के पुलिस थानों में मीडिया के प्रवेश को प्रतिबंधित करने का मौखिक बयान देने वाली अधिकारी सौम्या अस्थाना जैसी मानसिकता रखने वाले पुलिसकर्मियों पर राहुल नवरंग ने तीखा हमला बोला है।
विस्तार
मध्य प्रदेश: मेरठ के पुलिस थानों में मीडिया के प्रवेश को प्रतिबंधित करने का मौखिक बयान देने वाली अधिकारी सौम्या अस्थाना जैसी मानसिकता रखने वाले पुलिसकर्मियों पर राहुल नवरंग ने तीखा हमला बोला है। नवरंग ने स्पष्ट कहा कि पुलिस थाने जनता की सेवा के लिए हैं न कि किसी अधिकारी की व्यक्तिगत प्रॉपर्टी नहीं। राहुल नवरंग ने पुलिसकी कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो अधिकारी थानों में मीडिया को रोकने की कोशिश कर रहे हैं। वे असल में अपनी कमिया और जनता के साथ होने वाले दुर्व्यवहार को छिपाना चाहते हैं उन्होंने कहा कि अगर पुलिस का काम पारदर्शी और ईमानदार है तो उन्हें पत्रकारों के कैमरेऔर सवालों से डर कैसा है। पारदर्शिता का गला घोंटने की कोशिश बिना किसी लिखित आदेश के मीडिया को रोकना पूरी तरह अलोकतांत्रिक और तानाशाही रवैया है।
अधिकारियों की सामंती मानसिकता राहुल नवरंग के अनुसार पुलिस थानों को निजी जागीर समझना बंद होना चाहिए क्योंकि ये सार्वजनिक संस्थान हैं। भ्रष्टाचार को संरक्षण मीडिया पर अघोषित प्रतिबंध का सीधा अर्थ है कि थानों के भीतर होने वाले भ्रष्टाचार और उत्पीड़न पर पर्दा डाला जा सके। राहुल नवरंग ने शासन प्रशासन से मांग की है कि ऐसे अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए जो खुद को संविधान और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ से ऊपर समझते हैं।
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