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उत्तर प्रदेश: 33 केवी लाइन निर्माण में लापरवाही, पेड़ में फंसा हाई-वोल्टेज तार बना खतरा
- Photo by : social media
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: अचरा-कायमगंज मार्ग पर हाल ही में बिछाई गई नई 33 केवी (KV) बिजली लाइन के निर्माण में सुरक्षा मानकों की अनदेखी का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: अचरा-कायमगंज मार्ग पर हाल ही में बिछाई गई नई 33 केवी (KV) बिजली लाइन के निर्माण में सुरक्षा मानकों की अनदेखी का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहां पोल कम पड़ने पर ठेकेदार ने जुगाड़ का सहारा लेते हुए हाई-वोल्टेज इंसुलेटर को एक बड़े पेड़ की टहनियों के बीच ही फंसा दिया। इस जानलेवा लापरवाही के कारण पूरे इलाके में किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। विभागीय जानकारी के अनुसार, लगभग तीन माह पूर्व इस लाइन का निर्माण कार्य किया गया था। 'राइट ऑफ वे' (Right of Way) नियमों के तहत बिजली की लाइन बिछाते समय यह अनिवार्य होता है कि तारों के आसपास के पेड़ों की उचित छंटाई की जाए, ताकि तार किसी भी स्थिति में पेड़ों के संपर्क में न आएं। लेकिन ठेकेदार द्वारा इस महत्वपूर्ण नियम को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया गया है। इस तरह पेड़ के बीच से हाई-वोल्टेज तार गुजारने के कारण बारिश या नमी वाले मौसम में गीली लकड़ी के जरिए पूरे पेड़ में करंट उतरने का सीधा खतरा है। इससे आग लगने की घटना हो सकती है या किसी राहगीर और बेजुबान पशु के करंट की चपेट में आने से जान जा सकती है। इसके अतिरिक्त, हवा चलने पर टहनियों के तारों से घर्षण के कारण लाइन में बार-बार फॉल्ट होने की समस्या भी बनी रहती है।
ठेकेदार की इस लापरवाही का खामियाजा गुरुवार को स्थानीय लोगों को भुगतना पड़ा। सड़क चौड़ीकरण के काम के दौरान इसी लाइन पर एक भारी टहनी टूटकर गिर गई। इसके परिणामस्वरूप पूरे कायमगंज कस्बे की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। घंटों तक बिजली गुल रहने से स्थानीय निवासियों और व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस फॉल्ट के संबंध में जूनियर इंजीनियर (जेई) जावेद आलम ने बताया कि पेड़ की शाखा टूटने की वजह से लाइन में खराबी आई थी। सूचना मिलते ही विभागीय टीम मौके पर पहुंची और मरम्मत कार्य शुरू कर कुछ ही घंटों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई।हालांकि, इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। उनका सीधा आरोप है कि नई लाइन बिछाने के कार्य में गुणवत्ता मानकों का बिल्कुल भी ध्यान नहीं रखा गया है और कस्बे में कई अन्य स्थानों पर भी ऐसी ही असुरक्षित स्थितियां हैं। स्थानीय लोगों ने अब विभागीय उच्चाधिकारियों से इस पूरी परियोजना की गहन जांच कराने की मांग की है। साथ ही अपील की है कि तत्काल पेड़ों की छंटाई कराई जाए और मानकों की अनदेखी कर लोगों की जान जोखिम में डालने वाले ठेकेदार के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।
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