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मध्य प्रदेश: वन विभाग में 4,506 कर्मचारियों को पदोन्नति, नई भर्ती के आदेश

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मध्य प्रदेश  Published by: Ajay Singh Tomar , मध्य प्रदेश  Edited By: Shubhi Shikha Nayal, Date: 25/08/2026 10:56:44 am Share:
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  • Published by.: Ajay Singh Tomar ,
  • Edited By.: Shubhi Shikha Nayal,
  • Date:
  • 25/08/2026 10:56:44 am
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संक्षेप

मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में वन प्रबंधन को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जाएगा और वन विभाग में खाली पदों पर नई भर्ती की जाएगी।

विस्तार

मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में वन प्रबंधन को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जाएगा और वन विभाग में खाली पदों पर नई भर्ती की जाएगी। उन्होंने कहा कि जंगल, वन्यप्राणी और प्राकृतिक संपदा की सुरक्षा में वन विभाग के कर्मचारियों की अहम भूमिका है। मुख्यमंत्री सोमवार को भोपाल स्थित भारतीय वन प्रबंधन संस्थान में आयोजित पदोन्नत वन अधिकारियों और कर्मचारियों के अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पदोन्नति किसी भी शासकीय कर्मचारी के काम के प्रति समर्पण और मेहनत का सम्मान है। वन विभाग के कुल 4,506 अधिकारी-कर्मचारियों को पदोन्नति दी गई है। इनमें 188 सहायक वन संरक्षक, 2,821 वनपाल, 761 उप वन क्षेत्रपाल और अन्य संवर्ग के 736 अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने पदोन्नत कर्मचारियों को बधाई देते हुए उनके परिवारों के सहयोग और त्याग के लिए भी आभार जताया।

खाली पदों पर होगी नई भर्ती

डॉ. यादव ने बताया कि वन विभाग में कुल 25,389 पद स्वीकृत हैं, जबकि वर्तमान में 18 हजार से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि पदोन्नति के बाद खाली होने वाले पदों को भरने के लिए नई भर्ती के आदेश दिए गए हैं। सरकार का उद्देश्य वन प्रबंधन को अत्याधुनिक तकनीक और नवाचार से जोड़ना है। मुख्यमंत्री ने वन विभाग के मैदानी कर्मचारियों को 'प्रकृति पुत्र' और 'ग्रीन सोल्जर्स' बताते हुए कहा कि इनके प्रयासों से मध्य प्रदेश वन और वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण पहचान बना है। प्रदेश को टाइगर स्टेट, लेपर्ड स्टेट, घड़ियाल स्टेट, गिद्ध स्टेट और चीता स्टेट के रूप में गौरव हासिल हुआ है। उन्होंने कहा कि विकास तभी सार्थक होगा, जब जंगल, जैव-विविधता और नदियों का संरक्षण भी सुनिश्चित हो। वन और मानव जीवन एक-दूसरे से जुड़े हैं, इसलिए आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखना जरूरी है।

आधुनिक तकनीक से वन्यजीवों की निगरानी

प्रमुख सचिव वन राघवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश में वन और वन्यजीव संरक्षण के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया जा रहा है। चीता प्रोजेक्ट, हाथियों की निगरानी के लिए एआई आधारित गज रक्षक प्रणाली और पीएम गतिशक्ति परियोजना में वन मानचित्रों का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश के भौगोलिक क्षेत्र का करीब 30.72 प्रतिशत हिस्सा वन क्षेत्र है। प्रदेश में 9 टाइगर रिजर्व और 26 वन्यजीव अभयारण्य हैं। इस वर्ष अब तक 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत 5 करोड़ 62 लाख से अधिक पौधे लगाए जाने की जानकारी भी दी गई। समारोह में पदोन्नत अधिकारियों और कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री का आभार जताया। कार्यक्रम के अंत में वन विभाग की ओर से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। समारोह में वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में पदोन्नत अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।