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उत्तर प्रदेश: प्रेम रावत की 60 साल की शांति यात्रा, यशोभूमि में भव्य समारोह

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उत्तर प्रदेश  Published by: Irshad Ahmad , उत्तर प्रदेश  Edited By: Kunal Tewatia, Date: 25/08/2026 12:33:53 pm Share:
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  • Edited By.: Kunal Tewatia,
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  • 25/08/2026 12:33:53 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश:  विश्व शांति और आंतरिक आनंद का संदेश जन-जन तक पहुंचाने वाले प्रेम रावत की शांति यात्रा के 60 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर दिल्ली के यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर, द्वारका में तीन दिवसीय भव्य समारोह का आयोजन किया गया।

विस्तार

उत्तर प्रदेश:  विश्व शांति और आंतरिक आनंद का संदेश जन-जन तक पहुंचाने वाले प्रेम रावत की शांति यात्रा के 60 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर दिल्ली के यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर, द्वारका में तीन दिवसीय भव्य समारोह का आयोजन किया गया। राज विद्या केंद्र, दिल्ली की ओर से आयोजित इस विशेष समारोह में देश और विदेश से हजारों श्रोता एवं अनुयायी शामिल हुए। मानव जीवन का लक्ष्य आंतरिक शांति : प्रेम रावत  इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रेम रावत ने अपने संबोधन में कहा कि मानव जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि केवल बाहरी सफलता प्राप्त करना नहीं, बल्कि अपने भीतर मौजूद शांति और आनंद को पहचानना है। उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति अपने अंदर की शांति का अनुभव करता है, तभी उसके जीवन में स्थायी आनंद आता है और यही आंतरिक शांति आगे चलकर समाज में सौहार्द और शांति का मार्ग प्रशस्त करती है।

 चार वर्ष की उम्र से शुरू हुई शांति यात्रा  प्रेम रावत का जन्म 10 दिसंबर 1957 को कनखल, हरिद्वार में हुआ था। बताया गया कि मात्र चार वर्ष की आयु से ही उन्होंने अपने पिता एवं गुरु श्री हंस जी महाराज के साथ मंच साझा करना और विशाल सभाओं को संबोधित करना शुरू कर दिया था। आठ वर्ष की आयु में पिता के निधन के बाद उन्होंने शांति और आंतरिक आनंद के संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का संकल्प लिया। 13 वर्ष की उम्र में लंदन से शुरू हुई विश्व यात्रा  महज 13 वर्ष की आयु में प्रेम रावत ने लंदन से अपनी पहली विदेश यात्रा शुरू की। इसके बाद उन्हें दुनिया के विभिन्न देशों से लगातार आमंत्रण मिलने लगे। शांति के संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने और समय का बेहतर उपयोग करने के उद्देश्य से उन्होंने पायलट का प्रशिक्षण भी प्राप्त किया।

 84 देशों में पहुंचा ‘पीस एजुकेशन प्रोग्राम  प्रेम रावत द्वारा विकसित ‘पीस एजुकेशन प्रोग्राम’ आज जेलों, शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों, पुनर्वास केंद्रों, सामुदायिक संगठनों और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं में संचालित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 84 से अधिक देशों और 45 से अधिक भाषाओं में उपलब्ध बताया गया है। उनके शांति संदेश से जुड़े कार्यक्रमों को ‘टाइमलेस टुडे’, ‘इंटेलिजेंट एक्जिस्टेंस’ और उनके आधिकारिक यूट्यूब चैनल के माध्यम से भी देखा और सुना जा सकता है। मानवीय सेवा के लिए भी लगातार प्रयास  प्रेम रावत के मानवीय प्रयासों के तहत ‘फूड फॉर पीपल’ सहित अनेक सेवा कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, जिनके माध्यम से जरूरतमंद लोगों को भोजन और अन्य सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है। उनके कार्यों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है।

बताया गया कि उन्हें वर्ष 2012 में ब्रांडलॉरिएट लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया था। वहीं, वर्ष 2025 में डॉ. बी.आर. अंबेडकर ओपन यूनिवर्सिटी, हैदराबाद द्वारा उन्हें डॉक्टर ऑफ लेटर्स (मानद उपाधि) प्रदान की गई। इसके अलावा उनके नाम तीन गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भी दर्ज बताए जाते हैं। तीन दिन तक चले इस भव्य समारोह में वक्ताओं ने कहा कि प्रेम रावत ने अपने छह दशक लंबे प्रयासों के दौरान बिना किसी भेदभाव के दुनिया के करोड़ों लोगों तक शांति, आत्म-चिंतन और मानवीय एकता का संदेश पहुंचाया है। आज के तनाव और संघर्ष से भरे दौर में आंतरिक शांति का यह संदेश पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक और आवश्यक है।


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