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उत्तराखंड: हरिद्वार कुंभ 2027 को लेकर तैयारियां तेज, चारों बॉर्डर पर बनेंगे भव्य स्वागत द्वार
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संक्षेप
उत्तराखंड: उत्तराखंड में वर्ष 2027 में होने वाले हरिद्वार कुंभ को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
विस्तार
उत्तराखंड: उत्तराखंड में वर्ष 2027 में होने वाले हरिद्वार कुंभ को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कुंभ के दौरान देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के हरिद्वार पहुंचने की संभावना को देखते हुए बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ शहर के प्रवेश मार्गों को भी आकर्षक बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में उत्तराखंड की सीमाओं पर भव्य और दिव्य स्वागत द्वार तैयार किए जा रहे हैं। कुंभ मेला अधिकारी श्रीमती सोनिका के नेतृत्व में विभिन्न परियोजनाओं को तेजी से धरातल पर उतारने का काम किया जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को उत्तराखंड में प्रवेश करते ही कुंभ की धार्मिक और आध्यात्मिक भव्यता का अनुभव कराना है। इसके लिए प्रमुख मार्गों और सीमावर्ती क्षेत्रों में स्वागत द्वारों के साथ आसपास के इलाकों का सौंदर्यीकरण भी कराया जाएगा। इन स्वागत द्वारों में भारतीय पौराणिक परंपराओं और कुंभ की धार्मिक मान्यताओं को विशेष रूप से दर्शाया जाएगा। समुद्र मंथन की थीम पर आधारित स्वागत द्वार तैयार करने की योजना है। भारतीय धार्मिक परंपरा में समुद्र मंथन की कथा का विशेष महत्व है और इसी कथा से अमृत कलश तथा कुंभ पर्व की धार्मिक मान्यता जुड़ी मानी जाती है। ऐसे में इस थीम पर तैयार होने वाले द्वार श्रद्धालुओं को कुंभ की आध्यात्मिक यात्रा से जोड़ने का काम करेंगे। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश की ओर से हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख मार्गों पर इन स्वागत द्वारों का निर्माण कराया जा रहा है। बिजनौर रोड पर मंडावर में तैयार किया जा रहा स्वागत द्वार भी इसी योजना का हिस्सा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस मार्ग से हरिद्वार पहुंचते हैं, ऐसे में यह द्वार उनके लिए कुंभ नगरी की पहली आकर्षक झलक बनेगा। स्वागत द्वार के आसपास भी सौंदर्यीकरण और विकास कार्य कराए जाएंगे। प्रशासन की कोशिश है कि श्रद्धालुओं को हरिद्वार की सीमा में प्रवेश करते ही स्वच्छ, सुंदर और उत्साहपूर्ण वातावरण का अनुभव हो। बताया गया कि मंडावर क्षेत्र में स्वागत द्वार का निर्माण कार्य तेजी से शुरू हो चुका है। इसे दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। निर्माण कार्य में गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके साथ ही कुंभ को लेकर घाटों के रखरखाव और अन्य व्यवस्थाओं को भी बेहतर बनाने की दिशा में कार्य जारी है। प्रशासन का उद्देश्य कुंभ के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और धार्मिक वातावरण उपलब्ध कराना है। हरिद्वार कुंभ 2027 को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय के साथ तैयारियों को आगे बढ़ाया जा रहा है।
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