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उत्तर प्रदेश: 26 साल की सेवा के बाद नियमितीकरण की मांग, शिक्षामित्रों ने सीएम योगी से लगाई गुहार

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उत्तर प्रदेश  Published by: Suraj Maurya , उत्तर प्रदेश  Edited By: Shubhi Shikha Nayal, Date: 25/08/2026 11:06:45 am Share:
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  • Published by.: Suraj Maurya ,
  • Edited By.: Shubhi Shikha Nayal,
  • Date:
  • 25/08/2026 11:06:45 am
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: मीरजापुर जिले में बेसिक शिक्षा विभाग में करीब 26 वर्षों से सेवाएं दे रहीं टेट उत्तीर्ण शिक्षामित्रों ने नियमितीकरण की मांग उठाई है।

विस्तार

रक्षाबंधन के अवसर पर शिक्षामित्रों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनकी वर्षों पुरानी मांग पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की। शिक्षामित्रों का कहना है कि वे लंबे समय से प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों को शिक्षा देने का काम पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कर रही हैं। वर्षों की सेवा के बावजूद उनके भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। उन्होंने सरकार से टेट उत्तीर्ण शिक्षामित्रों के नियमितीकरण के लिए स्पष्ट नियमावली बनाने की मांग की। शिक्षामित्रों ने उत्तराखंड का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह वहां नियम बनाकर पात्र शिक्षामित्रों के हित में निर्णय लिया गया है, उसी तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी टेट उत्तीर्ण शिक्षामित्रों के नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि उनकी मांग किसी विशेष कृपा की नहीं है, बल्कि वर्षों की सेवा, अनुभव और जिम्मेदारी के सम्मान से जुड़ी है। शिक्षामित्रों के अनुसार, उन्होंने लगातार शिक्षा व्यवस्था में योगदान दिया है, लेकिन अपने रोजगार और भविष्य को लेकर अभी भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। रक्षाबंधन के अवसर पर शिक्षामित्र बहनों ने मुख्यमंत्री से भावुक अपील करते हुए कहा कि सरकार उनकी लंबे समय से चली आ रही मांग पर गंभीरता से विचार करे और उनके सुरक्षित भविष्य के लिए उचित निर्णय ले। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी सेवा अवधि और अनुभव को ध्यान में रखते हुए नियमितीकरण को लेकर जल्द सकारात्मक कदम उठाएगी। इस दौरान शिक्षामित्र संगठन के जिलाध्यक्ष दिलीप सिंह, संदीप शर्मा, बृजेश कमल पटेल, रितेश यादव, विजय लक्ष्मी, सरिता गुप्ता, शर्मीला सिंह और साधना सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षामित्र मौजूद रहीं। शिक्षामित्रों ने कहा कि 26 वर्षों की सेवा के बाद अब उन्हें अपने भविष्य को लेकर स्थायी समाधान की उम्मीद है। उन्होंने मुख्यमंत्री से उनकी मांग पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की।