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राजस्थान: 50 से अधिक तपस्वी श्राविकाओं का रजत द्रव्य से बहुमान, भक्ति गीतों से गूंजा चातुर्मास स्थल
- Photo by : social media
संक्षेप
राजस्थान: बीकानेर में तपागच्छीय गच्छाधिपति पद्मश्री आचार्य श्रीमद् विजय नित्यानंदसूरिश्वरजी महाराज साहेब की आज्ञानुवर्तिनी साध्वी प्रीतिरत्ना, साध्वी प्रीतिसुधा एवं साध्वी प्रीतियशा महाराजसा आदि ठाणा-3 के पावन निश्रा में रांगड़ी चौक स्थित पौषधशाला में रविवार को तप आराधना करने वाली 50 से अधिक तपस्वी श्राविकाओं का रजत द्रव्य से बहुमान किया गया।
विस्तार
राजस्थान: बीकानेर में तपागच्छीय गच्छाधिपति पद्मश्री आचार्य श्रीमद् विजय नित्यानंदसूरिश्वरजी महाराज साहेब की आज्ञानुवर्तिनी साध्वी प्रीतिरत्ना, साध्वी प्रीतिसुधा एवं साध्वी प्रीतियशा महाराजसा आदि ठाणा-3 के पावन निश्रा में रांगड़ी चौक स्थित पौषधशाला में रविवार को तप आराधना करने वाली 50 से अधिक तपस्वी श्राविकाओं का रजत द्रव्य से बहुमान किया गया। बहुमान में रजत द्रव्य रूप में चांदी की कटोरी भेंट की गई । इस बहुमान का लाभ चातुर्मास लाभार्थी परिवार मानकचंद-शांतिलाल सेठिया परिवार एवं पुष्पादेवी-सुरेंद्र बद्धाणी परिवार ने लिया। आयोजन में बच्चों ने भी उत्साह के साथ सहभागिता की। उनकी सहभागिता पर उनका भी बहुमान किया गया। साध्वी प्रीतिसुधा महाराजसा ने तपस्वियों की आराधना की अनुमोदना करते हुए कहा कि तप केवल स्वयं की साधना नहीं, बल्कि पूरे संघ के लिए प्रेरणा का माध्यम है। तपस्वियों के प्रति अनुराग तभी सार्थक है, जब उनके तप और आराधना से प्रेरणा लेकर हम भी अपने जीवन में धर्म के नियमों को अपनाएं। उन्होंने पर्युषण और संवत्सरी पर्व की ओर बढ़ते हुए अधिक से अधिक तप और आराधना करने की प्रेरणा दी। शासन देवी के गीत-भजनों से गूंजा चातुर्मास स्थल इसके बाद शासन देवी के गीत-भजनों का आयोजन हुआ। पंच नमोकार मंत्र के साथ महेंद्र जैन ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। चक्रेश्वरी माता की स्वर्ण एवं रजत लघु प्रतिमा के समक्ष जयकारों के बीच विभिन्न भक्ति प्रस्तुतियां हुईं। महेंद्र जैन ने चलिए वहां जहां आदिनाथ भगवान हैं तथा मेरे मन में पार्श्वनाथ जैसे गीत प्रस्तुत किए। महेंद्र कोचर जैन गीतकार ने वाद्य यंत्रों की ताल के साथ हे देवी शासन मां, आ जाओ आ जाओ और आओ मैया पधारो मैया सहित भजनों की लड़ियां प्रस्तुत कीं। इन प्रस्तुतियों पर तपस्वियों ने समूह रूप में नृत्य कर भक्ति भाव व्यक्त किया। सौम्या मंडल, महिला मंडल तथा अन्य मंडलों ने भी शासन देवी और तीर्थंकरों को समर्पित गीत प्रस्तुत किए। श्राविका कंचन कोचर ने एक तेरा ही भरोसा है मैया सहित भक्ति गीत प्रस्तुत किया। साध्वी प्रीतिसुधा महाराजसा ने गुरु भक्ति को समर्पित गीतों की प्रस्तुति दी। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे रहे। चातुर्मास आयोजन समिति के अनुसार आज का क्रमिक आयंबिल पूर्वी कोचर ने किया, जबकि कल का आयंबिल नीरू कोचर करेंगी। क्रमिक अट्ठम तप का तेल आंचल कोचर, पुत्री जितेंद्र कोचर द्वारा 1 सितंबर तक किया जाएगा। नवकार पद एकासना के लाभार्थी परिवारों में वृद्धि चंद-पारस कुमार सुराणा, अनिल कुमार-विनीता पारख तथा मोहनलाल-महेश कुमार कोचर परिवार शामिल रहे। नवकार पद एकासना एवं श्रीसंघ पूजा का लाभ मानकचंद सेठिया तथा पुष्पादेवी परिवार ने लिया।
