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उत्तर प्रदेश: अपहरण के 3 दिन बाद अंकित यादव सकुशल बरामद, मुख्य आरोपी फरार
- Photo by : social media
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: गोण्डा जनपद के नवाबगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत पहली गांव निवासी 35 वर्षीय मौरंग व्यापारी अंकित कुमार यादव के अपहरण मामले में पुलिस ने उन्हें सकुशल बरामद कर लिया है।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: गोण्डा जनपद के नवाबगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत पहली गांव निवासी 35 वर्षीय मौरंग व्यापारी अंकित कुमार यादव के अपहरण मामले में पुलिस ने उन्हें सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस ने अंकित को छपिया थाना क्षेत्र के मसकनवा गौशाला तिराहा के पास से देर रात बरामद किया। वहीं तीन दिन बाद भी मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्तार से बाहर है। पीड़ित अंकित कुमार यादव के अनुसार 2 मार्च को उनके दोस्त विकास मिश्रा ने नई थार गाड़ी लेने की खुशी में पार्टी के लिए बुलाया था। अंकित उसके साथ गाड़ी में बैठकर निकले। उन्हें फैजाबाद जाना था, लेकिन आरोपी उन्हें परशुरामपुर की ओर ले गए। रास्ते में कुछ लोग असलहा लेकर गाड़ी में बैठे और खुद को यूपी एसटीएफ का अधिकारी बताते हुए अंकित का अपहरण कर लिया। बदमाशों ने उनकी आंखों पर पट्टी बांध दी और हाथ भी बांध दिए। अंकित ने बताया कि बदमाशों ने करीब दो दिन तक उन्हें बंधक बनाकर रखा। इस दौरान आंखों पर पट्टी बांधकर उन्हें इधर-उधर घुमाया गया और असलहा सटाकर जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़ित ने आरोप लगाया कि बदमाशों ने उनके साथ मारपीट भी की, जिससे उनके सिर और आंख में चोट आई। फिरौती के लिए मांगे 5 लाख रुपये अपहरणकर्ताओं ने पहले 2 लाख रुपये की मांग की। अंकित ने रिश्तेदारों और दोस्तों से किसी तरह 2 लाख रुपये जुटाकर बदमाशों को दे दिए, लेकिन इसके बाद भी आरोपी उन्हें छोड़ने को तैयार नहीं हुए और 3 लाख रुपये की अतिरिक्त मांग करने लगे। जब अंकित ने असमर्थता जताई तो बदमाशों ने धमकी दी कि यदि उन्होंने प्रशासन को सूचना दी तो उन्हें और उनके बच्चों को जान से मार देंगे। आरोप है कि बदमाशों ने अंकित के हाथ में असलहा देकर उनकी फोटो भी खींची और झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। किसी तरह एक दोस्त के मोबाइल से परिजनों को सूचना देने के बाद अंकित की पत्नी सुशीला यादव ने नवाबगंज थाने में तहरीर दी, जिस पर पुलिस ने पांच अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। परिजनों का आरोप है कि बरामदगी के बाद दर्ज मुकदमे में घटना के सभी तथ्यों का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है। मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद भी पुलिस अब तक अंकित के दोस्त विकास मिश्रा और खुद को एसटीएफ अधिकारी बताने वाले आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी है। अपहरण से छूटने के बाद अंकित ने प्रशासन से सुरक्षा की मांग की है। उनका कहना है कि आरोपी दोबारा वारदात कर सकते हैं और उनका परिवार दहशत में है। अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी राधेश्याम राय ने बताया कि महिला की तहरीर पर अज्ञात अभियुक्तों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। अंकित की सकुशल बरामदगी के लिए एसओजी और सर्विलांस सहित पांच टीमें लगाई गई थीं। छपिया थाना क्षेत्र के मसकनवा इलाके से अंकित को बरामद कर लिया गया है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। शीघ्र ही उन्हें गिरफ्तार कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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