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उत्तर प्रदेश: स्वच्छ भारत के दावों की पोल, मयूर विहार के MCD शौचालय में गंदगी का दिखा अंबार

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उत्तर प्रदेश  Published by: Pradeep Kumar , Date: 07/03/2026 02:29:17 pm Share:
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  • 07/03/2026 02:29:17 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: देश की राजधानी में एक तरफ 'स्वच्छ भारत अभियान' के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: देश की राजधानी में एक तरफ 'स्वच्छ भारत अभियान' के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। वहीं दूसरी तरफ दिल्ली नगर निगम (MCD) के सार्वजनिक शौचालयों की जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। मयूर विहार फेज-III के जी.डी. कॉलोनी से आई तस्वीरें प्रशासन की लापरवाही और भ्रष्टाचार की ओर साफ इशारा कर रही हैं। हैरानी की बात यह है कि शौचालय के बाहर बकायदा एक नीली नेम प्लेट लगी है, जिस पर वार्ड नंबर 193 (कोंडली) के सफाई निरीक्षकों और कर्मचारियों के नाम व मोबाइल नंबर लिखे हैं। लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि ये नाम सिर्फ कागजों और दीवारों तक सीमित हैं। प्रथम पाली बॉबी (सुबह 6:00 से दोपहर 2:00 बजे), द्वितीय पाली दिलीप (दोपहर 2:00 से रात 10:00 बजे) स्थानीय निवासी सवाल उठा रहे हैं कि जब इंचार्ज और सफाई कर्मियों की तैनाती तय है, तो शौचालय 'लावारिस' क्यों पड़ा है। 'आओ और बीमारी ले जाओ' शौचालय के भीतर की स्थिति इतनी नारकीय है कि वहाँ कदम रखना भी दूभर है। गंदगी का अंबार लगा है और चारों ओर सड़ांध फैली हुई है।

 

शौचालयों की हालत को देखकर स्थानीय लोगों ने व्यंग्य करते हुए इसे "बीमारी का केंद्र" करार दिया है। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि रखरखाव के अभाव में वाशबेसिन और दरवाजे जर्जर हो चुके हैं। भ्रष्टाचार का आरोप: शौचालय की दीवारों पर लिखे संदेशों के माध्यम से जनता अपना आक्रोश व्यक्त कर रही है कि सफाई केवल कागजों में हो रही है और बजट का बंदरबांट किया जा रहा है। स्वास्थ्य का खतरा: इस गंदगी के कारण आसपास की घनी आबादी में संक्रमण और बीमारियों के फैलने का बड़ा खतरा बना हुआ है। प्रशासनिक मौन सूचना उपलब्ध होने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा निगरानी न करना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।