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उत्तर प्रदेश: फतेहगंज पश्चिमी में परचून दुकानदार के घर ईडी की तलाशी, दो मोबाइल और बैंकिंग दस्तावेज हुए जब्त

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उत्तर प्रदेश  Published by: Chhatra Pal , उत्तर प्रदेश  Edited By: Shikha Pandey, Date: 03/10/2026 12:24:26 pm Share:
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  • Edited By.: Shikha Pandey,
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  • 03/10/2026 12:24:26 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: बरेली फतेहगंज पश्चिमी क्षेत्र के चिटौली गांव में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने परचून दुकानदार पोशाकी लाल मौर्य के घर करीब पूरे दिन तलाशी अभियान चलाया।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: बरेली फतेहगंज पश्चिमी क्षेत्र के चिटौली गांव में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने परचून दुकानदार पोशाकी लाल मौर्य के घर करीब पूरे दिन तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान टीम ने दो मोबाइल फोन और बैंकिंग से जुड़े कुछ दस्तावेज कब्जे में लिए। ईडी अधिकारियों ने पोशाकी लाल का बयान भी दर्ज किया। जानकारी के मुताबिक ईडी की टीम 30 सितंबर की सुबह करीब 6:30 बजे पोशाकी लाल के घर पहुंची थी। उस समय वह घर पर मौजूद नहीं थे। उनकी पत्नी भूरी ने अधिकारियों को बताया कि वह सुबह की सैर पर गए हैं। उनके वापस आने के बाद अधिकारियों ने तलाशी आदेश दिखाया और करीब 8 बजे तलाशी की कार्रवाई शुरू की।

सहायक निदेशक शरद कांत शर्मा के नेतृत्व में टीम ने घर के कमरों, हॉल, स्टोर और अन्य हिस्सों की तलाशी ली। इस दौरान एक रियलमी और एक सैमसंग मोबाइल फोन जब्त किया गया। टीम ने बंधन बैंक खाते से संबंधित दो नकद जमा पर्चियां, पैन कार्ड की प्रति और भारतीय स्टेट बैंक के डेबिट कार्ड से जुड़े दस्तावेज भी कब्जे में लिए। बताया गया कि जमा पर्चियां 5 अगस्त और 2 सितंबर 2026 की हैं। ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 की धारा 17 के तहत पोशाकी लाल का बयान दर्ज किया। तलाशी की कार्रवाई दो स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में की गई। इनमें एचडीएफसी बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक प्रियंक सक्सेना और पंजाब नेशनल बैंक की उप प्रबंधक आकांक्षा राणा शामिल थीं। कार्रवाई देर रात तक चली। वहीं, पोशाकी लाल ने गुरुवार को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि उनकी जानकारी के बिना उनके नाम से फर्जी बैंक खाता खोलकर उसमें लेनदेन किया गया। उन्होंने दावा किया कि उन्हें इस खाते के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। उनके मुताबिक ईडी की टीम कुछ दस्तावेज देकर गई है और जरूरत पड़ने पर उन्हें दिखाने के लिए कहा है। फर्जी बैंक खाते और उससे जुड़े लेनदेन के मामले में जांच के अंतिम निष्कर्ष अभी सामने नहीं आए हैं।


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