-
☰
No image found.
उत्तर प्रदेश: बरेली में एक्सरे मशीन की चपेट में आने से बुजुर्ग की हुई मौत, परिजनों ने अस्पताल में किया हंगामा
- Photo by : social media
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: भाजपा विधायक डॉ. एमपी आर्य के आर्य अस्पताल में मंगलवार को एक्सरे कराने पहुंचे 70 वर्षीय बुजुर्ग की हादसे में मौत हो गई।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: भाजपा विधायक डॉ. एमपी आर्य के आर्य अस्पताल में मंगलवार को एक्सरे कराने पहुंचे 70 वर्षीय बुजुर्ग की हादसे में मौत हो गई। बताया जा रहा है कि एक्सरे की प्रक्रिया के दौरान मशीन अचानक बुजुर्ग के ऊपर गिर गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के अनुसार, नवाबगंज क्षेत्र के शाहपुर गांव निवासी 70 वर्षीय मिश्रीलाल पेट दर्द की शिकायत के बाद परिजनों के साथ आर्य अस्पताल पहुंचे थे। चिकित्सकों की सलाह पर उनकी जांच कराई जा रही थी। इसी दौरान मंगलवार को उन्हें एक्सरे के लिए ले जाया गया। परिजनों के मुताबिक, एक्सरे की प्रक्रिया चल रही थी, तभी अचानक मशीन उनके ऊपर गिर गई। भारी मशीन की चपेट में आने से मिश्रीलाल गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल कर्मचारियों ने उन्हें संभालने का प्रयास किया, लेकिन उनकी मौके पर ही मौत हो गई। बुजुर्ग की मौत की जानकारी मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गए और अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि एक्सरे मशीन की सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही के कारण हादसा हुआ। उनका कहना था कि यदि मशीन की उचित जांच और सुरक्षा व्यवस्था होती तो हादसा टाला जा सकता था। हंगामे की सूचना पर सीओ और कोतवाल पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत कर उन्हें निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया, जिसके बाद स्थिति को शांत कराया गया। एहतियातन अस्पताल परिसर में पुलिस बल तैनात रहा। बताया जा रहा है कि पुलिस ने शव के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू करने का प्रयास किया, लेकिन परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। फिलहाल पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। एक्सरे मशीन किन परिस्थितियों में गिरी और अस्पताल में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं, यह जांच का विषय है। पुलिस अस्पताल में मौजूद लोगों से जानकारी जुटाने के साथ घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह और जिम्मेदारी स्पष्ट हो सकेगी।
