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उत्तर प्रदेश: करीमुद्दीनपुर पुलिस ने साइबर ठगी के शिकार युवक के 50 हजार रुपये कराए वापस
- Photo by : social media
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: मंसूबों को नाकाम करने और जनता की जीबी गाढ़ी कमाई को सुरक्षित रखने के लिए पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत करीमुद्दीनपुर पुलिस ने एक सराहनीय कार्य किया है। साइबर ठगी का शिकार हुए एक पीड़ित के 50,000 रुपये वापस
विस्तार
उत्तर प्रदेश: मंसूबों को नाकाम करने और जनता की जीबी गाढ़ी कमाई को सुरक्षित रखने के लिए पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत करीमुद्दीनपुर पुलिस ने एक सराहनीय कार्य किया है। साइबर ठगी का शिकार हुए एक पीड़ित के 50,000 रुपये वापस - कराकर पुलिस ने तत्परता और संवेदनशीलता का परिचय दिया है। क्या था मामला? प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम बीबीपुर खास, थाना करीमुद्दीनपुर निवासी आकाश गुप्ता पुत्र शिवजी गुप्ता के साथ अज्ञात साइबर अपराधियों द्वारा 50,000 रुपये की वित्तीय धोखाधड़ी की गई थी। पीड़ित ने बिना समय गंवाए घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को दी और एनसीआरपी (NCRP) पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज CYBER CELL कराई। गई। पीड़ित ने की पुलिस की प्रशंसाःअपनी डूबी हुई धनराशि वापस पाकर आकाश गुप्ता ने राहत की सांस ली। उन्होंने इस सफल कार्रवाई के लिए करीमुद्दीनपुर पुलिस टीम का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए उनकी कार्यशैली की सराहना की। पुलिस टीम का सराहनीय योगदान इस पूरी कार्रवाई को सफल बनाने में निम्नलिखित पुलिसकर्मी शामिल रहेः प्रभारी निरीक्षक राज नारायण (थाना करीमुद्दीनपुर, जनपद गाजीपुर) एवं उनकी समर्पित पुलिस टीम। यह कार्रवाई गाजीपुर पुलिस की साइबर अपराधियों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाती है। पुलिस ने आम जनमानस से भी अपील की है कि किसी भी प्रकार की वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तत्काल 1930 नंबर पर कॉल करें और एनसीआरपी पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
पुलिस की त्वरित कार्रवाईः शिकायत मिलते ही करीमुद्दीनपुर थाना पुलिस सक्रिय हो गई। साइबर सेल के समन्वय और प्रभारी निरीक्षक राज नारायण के कुशल नेतृत्व में टीम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी जांच शुरू की। पुलिस के निरंतर प्रयास और त्वरित कार्रवाई का परिणाम यह रहा कि धोखाधड़ी की गई पूरी धनराशि (50,000 रुपये) पीड़ित के बैंक खाते में सुरक्षित वापस आ
