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उत्तर प्रदेश: विजयपुर में अकीदत और भाईचारे के साथ शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ मोहर्रम, सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद
- Photo by : social media
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: जनपद मिर्जापुर के विंध्याचल थाना क्षेत्र अंतर्गत विजयपुर में शनिवार को मोहर्रम का पर्व पूरी श्रद्धा, अकीदत और आपसी भाईचारे के माहौल में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। परंपरागत रीति-रिवाजों के अनुसार क्षेत्र से कुल छह ताजिया जुलूस निकाले गए,
विस्तार
उत्तर प्रदेश: जनपद मिर्जापुर के विंध्याचल थाना क्षेत्र अंतर्गत विजयपुर में शनिवार को मोहर्रम का पर्व पूरी श्रद्धा, अकीदत और आपसी भाईचारे के माहौल में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। परंपरागत रीति-रिवाजों के अनुसार क्षेत्र से कुल छह ताजिया जुलूस निकाले गए, जिनमें राजा विजयपुर का ताजिया भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। विजयपुर के तुरकान मोहल्ला, छिपहटी मोहल्ला, दुधिया मोहल्ला, सइयाँ मोहल्ला तथा मिश्रपुर सहित विभिन्न स्थानों से निकले ताजिया जुलूसों में बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने भाग लिया। ढोल-नगाड़ों की गूंज, "या हुसैन" के नारों और मातमी जुलूस के बीच पूरा क्षेत्र धार्मिक आस्था से सराबोर दिखाई दिया। जुलूस में मुस्लिम महिलाओं की भी उल्लेखनीय सहभागिता रही। मार्ग में कई स्थानों पर श्रद्धालुओं एवं राहगीरों के लिए शीतल पेयजल और जलपान की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच गैपुरा चौकी प्रभारी सुरेशचन्द्र द्विवेदी पुलिस बल के साथ पूरे समय मुस्तैद रहे। वहीं एसपी सिटी एवं विंध्याचल थाना प्रभारी अजीत सिंह ने भी मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। पुलिस प्रशासन की सतर्कता और स्थानीय नागरिकों के सहयोग से सभी ताजिया सकुशल तकिया दरगाह पहुंचे तथा पूरा आयोजन शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर गुलाम रसूल, ताजुद्दीन, शेख मोहम्मद, सरफराज मोहम्मद, प्रिंस खान, कमरुद्दीन, चम्मन खान, मताद्दीन, आजाद, शेराज अली, बोदर खान सहित बड़ी संख्या में ताजियादार एवं क्षेत्र के गणमान्य लोग उपस्थित रहे। मुहर्रम का संदेश मुहर्रम इस्लामी नववर्ष का पहला महीना होने के साथ-साथ त्याग, बलिदान, सत्य और इंसानियत का प्रतीक माना जाता है। यह पर्व इमाम हुसैन और करबला के शहीदों की उस महान कुर्बानी की याद दिलाता है, जिन्होंने अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध सत्य एवं न्याय की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। मुहर्रम हमें सत्य, न्याय, धैर्य और मानवता के मार्ग पर अडिग रहने की प्रेरणा देता है। यह पर्व केवल शोक का प्रतीक नहीं, बल्कि आपसी भाईचारे, प्रेम, सामाजिक सौहार्द और इंसानियत का भी संदेश देता है। हालांकि दिनभर उमस भरी गर्मी के कारण लोगों को कुछ असुविधा का सामना करना पड़ा, लेकिन श्रद्धालुओं के उत्साह और आस्था में कोई कमी नहीं दिखाई दी। पूरे आयोजन के दौरान प्रशासन और स्थानीय लोगों के बेहतर समन्वय ने विजयपुर में सांप्रदायिक सौहार्द और सामाजिक एकता की मिसाल पेश की।
