-
☰
No image found.
उत्तर प्रदेश: साइबर अपराध पर एसपी सख्त, स्कूलों से तहसील तक चलेगा जागरूकता अभियान
- Photo by : SOCIAL MEDIA
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने साइबर क्राइम थाना के कर्मचारियों के साथ गोष्ठी कर साइबर अपराधों की रोकथाम और लोगों को जागरूक करने के लिए चलाए जा रहे अभियानों की समीक्षा की।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने साइबर क्राइम थाना के कर्मचारियों के साथ गोष्ठी कर साइबर अपराधों की रोकथाम और लोगों को जागरूक करने के लिए चलाए जा रहे अभियानों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को साइबर अपराध से जुड़े मामलों में प्रभावी कार्रवाई के साथ ही जागरूकता अभियान को और व्यापक स्तर पर चलाने के निर्देश दिए। गोष्ठी के दौरान पुलिस अधीक्षक ने साइबर क्राइम थाना की ओर से चलाए जा रहे जागरूकता कार्यक्रमों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि साइबर ठगी के मामले लगातार नए-नए तरीकों से सामने आ रहे हैं। ऐसे में केवल घटना के बाद कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि लोगों को पहले से ही सतर्क और जागरूक करना भी जरूरी है। थाना और तहसील स्तर पर होंगे जागरूकता कार्यक्रम एसपी ने निर्देश दिया कि साइबर अपराध से बचाव के लिए थाना और तहसील स्तर पर नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। इन कार्यक्रमों में लोगों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक, ओटीपी साझा करने, बैंकिंग धोखाधड़ी और सोशल मीडिया से जुड़े साइबर अपराधों के प्रति सतर्क किया जाए। उन्होंने विद्यालयों में भी साइबर जागरूकता अभियान चलाने पर विशेष जोर दिया। विद्यार्थियों को सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल, ऑनलाइन गेमिंग, फर्जी वेबसाइट और संदिग्ध लिंक से होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी देने के निर्देश दिए गए। साइबर मामलों की विवेचना समय से पूरी करने के निर्देश पुलिस अधीक्षक ने साइबर अपराध से संबंधित विवेचनाओं की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि मामलों की विवेचना को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और समयबद्ध तरीके से गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने तकनीकी साक्ष्यों के महत्व पर जोर देते हुए साइबर अपराध के मामलों में उपलब्ध डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों का नियमानुसार प्रभावी इस्तेमाल करने के निर्देश दिए। जागरूकता से ही साइबर ठगी पर लगेगी रोक गोष्ठी में एसपी ने कहा कि साइबर अपराधों से बचाव में आमजन की जागरूकता बेहद महत्वपूर्ण है। पुलिस की ओर से चलाए जा रहे जागरूकता कार्यक्रमों को गांव, बाजार, विद्यालय और अन्य सार्वजनिक स्थानों तक पहुंचाया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोगों को साइबर ठगी से बचने के उपायों की जानकारी मिल सके। पुलिस अधीक्षक ने साइबर क्राइम थाना के कर्मचारियों को निर्देश दिया कि जागरूकता अभियान के साथ-साथ साइबर अपराधों की शिकायतों पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने पुलिस की साइबर इकाई को लगातार सक्रिय रहकर बदलते साइबर अपराध के तरीकों पर नजर रखने के भी निर्देश दिए।
हर थाने से लिया जाएगा नियमित फीडबैक एसपी ने साइबर क्राइम थाना और साइबर सेल को निर्देशित किया कि जिले के सभी थानों से साइबर अपराध से संबंधित मामलों की नियमित जानकारी और फीडबैक लिया जाए। थानों में आने वाली साइबर शिकायतों, दर्ज मुकदमों और की गई कार्रवाई की लगातार निगरानी करने को कहा गया। उन्होंने कहा कि किसी भी साइबर अपराध की सूचना मिलने पर पीड़ित को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
