-
☰
No image found.
Punjab Case: पंजाब में ASI इकबाल सिंह की गोली मारकर हत्या, बाइक सवार हमलावरों ने दिया वारदात को अंजाम
- Photo by : social media
संक्षेप
पंजाब: पंजाब के तरनतारन जिले में सहायक उपनिरीक्षक (ASI) इकबाल सिंह की गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। खबरों के मुताबिक, बाइक पर सवार हमलावरों ने पुलिस अधिकारी को निशाना बनाया
विस्तार
पंजाब: पंजाब के तरनतारन जिले में सहायक उपनिरीक्षक (ASI) इकबाल सिंह की गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। खबरों के मुताबिक, बाइक पर सवार हमलावरों ने पुलिस अधिकारी को निशाना बनाया और वारदात के बाद मौके से फरार हो गए। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हमलावरों की पहचान और हत्या के पीछे की वजह का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। इस मामले का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इकबाल सिंह के भतीजे अजमीत सिंह की भी करीब एक महीने पहले, 11 सितंबर को, गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस घटना में भी मोटरसाइकिल सवार हमलावरों का नाम सामने आया था। इसी वजह से पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इकबाल सिंह की हत्या का संबंध उनके भतीजे की हत्या से है। हालांकि, दोनों घटनाओं के बीच सीधा संबंध अभी आधिकारिक तौर पर साबित नहीं हुआ है। इसलिए इसे फिलहाल जांच का एक संभावित पहलू ही माना जा रहा है। घटना की सूचना मिलने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने की बात सामने आई है। जांच का उद्देश्य हमलावरों की पहचान करना, उनके आने-जाने के रास्ते का पता लगाना और हत्या के पीछे की वजह स्पष्ट करना है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 55 वर्षीय इकबाल सिंह पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस विंग में तैनात थे। वह फिरोजपुर क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहे थे और तरनतारन जिले के नौशहरा पन्नुआं गांव के निवासी थे। रविवार, 11 अक्टूबर की शाम करीब 7:30 बजे, वह नौशहरा पन्नुआं–लोहका रोड पर पटवारखाने के पास पहुंचे थे। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर आए दो हमलावरों ने उन्हें घेरकर गोली मार दी। उन्हें दो गोलियां लगीं और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
तरनतारन के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र लांबा के अनुसार, पुलिस को जांच के दौरान कुछ सुराग मिले हैं और आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। उपलब्ध रिपोर्टों में आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की गई है।
