-
☰
No image found.
उत्तर प्रदेश: मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना महत्वपूर्ण, विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर न्यायालय में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
- Photo by : social media
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, संत कबीर नगर की ओर से न्यायालय सभागार में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों
विस्तार
उत्तर प्रदेश: विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, संत कबीर नगर की ओर से न्यायालय सभागार में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सुश्री अनन्या साह ने किया। कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जनपद न्यायाधीश रणधीर सिंह के निर्देशन में आयोजित हुआ। इस दौरान मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन, सकारात्मक सोच और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। तनाव को नजरअंदाज न करें: जनपद न्यायाधीश कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जनपद न्यायाधीश रणधीर सिंह ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है। स्वस्थ मन व्यक्ति की कार्यक्षमता, निर्णय लेने की क्षमता और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को मजबूत बनाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में काम की व्यस्तता और विभिन्न परिस्थितियों के कारण तनाव उत्पन्न होना आम बात है, लेकिन इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना, नियमित व्यायाम करना, पर्याप्त नींद लेना और सकारात्मक सोच बनाए रखना स्वस्थ जीवन के लिए आवश्यक है। उन्होंने सभी से अपने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने तथा जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञों की सलाह लेने की अपील की। विशेषज्ञों ने दी मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य की जानकारी कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग से उपस्थित विशेषज्ञों ने मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. तवांगी मणि शुक्ला ने मानसिक स्वास्थ्य और मनोवैज्ञानिक समस्याओं के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता के महत्व को बताया। वहीं, मनोचिकित्सक डॉ. अमरेंद्र कुमार आनंद ने मानसिक स्वास्थ्य की आवश्यकता और तनाव प्रबंधन के विषय में अपने विचार रखे। उन्होंने स्वस्थ जीवन के लिए मानसिक संतुलन और तनाव से निपटने के प्रति जागरूक रहने पर जोर दिया। ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. एस.पी. सिंह ने शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए आवश्यक व्यायाम और उपयोगी गतिविधियों की जानकारी दी। विशेषज्ञों ने नियमित व्यायाम, संतुलित दिनचर्या और स्वास्थ्य के प्रति सजगता को जीवनशैली का हिस्सा बनाने की जरूरत बताई। स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। स्वस्थ दिनचर्या, पर्याप्त नींद, नियमित व्यायाम और सकारात्मक सोच अपनाकर जीवन को बेहतर बनाया जा सकता है। साथ ही, मानसिक परेशानी होने पर उसे छिपाने या नजरअंदाज करने के बजाय विशेषज्ञ से परामर्श लेना महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम में समस्त न्यायिक अधिकारीगण एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
