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उत्तर प्रदेश: झूठी FIR दर्ज कराने का आरोप, 65 वर्षीय महिला समेत परिवार ने DGP से निष्पक्ष जांच की मांग

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मध्य प्रदेश  Published by: Sanjaysingh Chouhan , मध्य प्रदेश  Edited By: Shubhi Shikha Nayal, Date: 01/09/2026 05:42:00 pm Share:
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  • Edited By.: Shubhi Shikha Nayal,
  • Date:
  • 01/09/2026 05:42:00 pm
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संक्षेप

मध्य प्रदेश: इंदौर निवासी एक महिला ने भोपाल जनसुनवाई के दौरान पुलिस महानिदेशक को शिकायत देकर थाना गांधी नगर पुलिस और कुछ पत्रकारों पर मिलीभगत कर परिवार के खिलाफ कथित रूप से झूठी FIR दर्ज कराने का आरोप लगाया है

विस्तार

मध्य प्रदेश: इंदौर निवासी एक महिला ने भोपाल जनसुनवाई के दौरान पुलिस महानिदेशक को शिकायत देकर थाना गांधी नगर पुलिस और कुछ पत्रकारों पर मिलीभगत कर परिवार के खिलाफ कथित रूप से झूठी FIR दर्ज कराने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता रशीदा पठान ने मामले में निष्पक्ष और तकनीकी जांच कराने की मांग की है। शिकायत के अनुसार, नवाबसेरा, गांधी नगर निवासी रशीदा पठान का आरोप है कि रंगदारी नहीं देने पर चहकती कलम से जुड़े कुछ पत्रकारों ने थाना गांधी नगर पुलिस के साथ मिलकर उनकी 65 वर्षीय सास शमशाद बी, स्वयं रशीदा पठान और गफ्फार पठान के खिलाफ साजिश के तहत FIR क्रमांक 0452/2026 दर्ज कराई। हालांकि, ये सभी आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

तकनीकी जांच कराने की मांग

शिकायतकर्ता ने DGP से मामले की जांच के लिए कई तकनीकी साक्ष्यों की जांच कराने की मांग की है। इसमें 5 अगस्त 2026 की GD संख्या 055 की मूल प्रति और CCTNS रिकॉर्ड की जांच, रात 11:45 बजे सूचना देने वाले मोबाइल नंबर और रोजनामचे की जांच शामिल है। इसके अलावा थाने के CCTV फुटेज, मालखाना और ड्यूटी ऑफिसर रूम के कैमरों की रिकॉर्डिंग तथा 112/100 डायल कॉल की रिकॉर्डिंग की जांच की मांग की गई है। शिकायत में FIR किस यूजर आईडी, IP एड्रेस और कंप्यूटर से दर्ज की गई, इसकी Audit Trail जांच कराने की भी मांग रखी गई है।

मोबाइल लोकेशन और CCTV जांच की मांग

शिकायतकर्ता ने शिकायतकर्ता पक्ष की MLC से संबंधित मूल दस्तावेज, घटनास्थल के आसपास लगे निजी CCTV कैमरों की फुटेज और पंचनामा में शामिल पंचों की भी जांच कराने की मांग की है। शिकायत में आरोपी बताए गए पत्रकारों विनोद, हीरालाल और गेरूलाल के मोबाइल नंबरों की CDR और शाम 7 बजे से रात 12 बजे तक की टावर लोकेशन की जांच कराने के साथ थाना आगंतुक रजिस्टर की जांच की मांग भी की गई है। शिकायतकर्ता का दावा है कि घटना शाम करीब 7:15 बजे की बताई गई, जबकि संबंधित पक्ष करीब साढ़े चार घंटे बाद थाने पहुंचा। उन्होंने इस देरी की जांच मोबाइल टावर लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों से कराने की मांग की है। रशीदा पठान ने DGP से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर कथित झूठी FIR को समाप्त करने तथा यदि जांच में रंगदारी वसूली या फर्जी मुकदमा दर्ज कराने के आरोप सही पाए जाएं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।