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उत्तर प्रदेश: कलेक्ट्रेट गेट पर दंपति ने की आत्मदाह की कोशिश,  डीएम ने 8 कर्मियों को 2,500 से किया सम्मानित

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उत्तर प्रदेश  Published by: Chhatra Pal , उत्तर प्रदेश  Edited By: Shubhi Shikha Nayal, Date: 25/08/2026 02:52:20 pm Share:
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  • Edited By.: Shubhi Shikha Nayal,
  • Date:
  • 25/08/2026 02:52:20 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: बरेली के कलेक्ट्रेट गेट पर मंगलवार को जमीन विवाद से परेशान दंपति द्वारा आत्मदाह की कोशिश किए जाने से हड़कंप मच गया।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: बरेली के कलेक्ट्रेट गेट पर मंगलवार को जमीन विवाद से परेशान दंपति द्वारा आत्मदाह की कोशिश किए जाने से हड़कंप मच गया। दंपति ने खुद पर मिट्टी का तेल छिड़क लिया था। इससे पहले कि वे कोई गंभीर कदम उठा पाते, मौके पर तैनात पुलिस और सुरक्षा कर्मियों ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए दोनों को रोक लिया। पुलिसकर्मियों की सूझबूझ, साहस और त्वरित कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए बचाव टीम ने बिना समय गंवाए दंपति को घेर लिया और उन्हें सुरक्षित अपने कब्जे में ले लिया। मौके पर पुलिस की तत्परता के चलते कलेक्ट्रेट जैसे संवेदनशील स्थान पर संभावित जान-माल के नुकसान को टाल दिया गया। घटना के बाद कलेक्ट्रेट गेट पर कुछ देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

मिट्टी का तेल छिड़कते ही सक्रिय हुई टीम

बताया गया कि दंपति कलेक्ट्रेट गेट पर पहुंचा और अचानक दोनों ने अपने ऊपर मिट्टी का तेल छिड़क लिया। यह देखते ही वहां तैनात पुलिस एवं सुरक्षा कर्मियों ने स्थिति की गंभीरता को भांप लिया। टीम ने तत्काल दोनों को घेर लिया और आत्मदाह की कोशिश को नाकाम कर दिया। पुलिसकर्मियों की इस त्वरित कार्रवाई ने साबित कर दिया कि संवेदनशील स्थानों पर मुस्तैदी और सतर्कता कितनी महत्वपूर्ण होती है। कुछ ही क्षणों में टीम ने स्थिति को नियंत्रण में लेकर संभावित बड़े हादसे को टाल दिया।

आठ कर्मियों ने निभाई अहम भूमिका

बचाव कार्रवाई में एलआईयू उपनिरीक्षक अमित कुमार, इंटेलिजेंस उपनिरीक्षक ओमपाल सिंह, महिला मुख्य आरक्षी कुसुम देवी, होमगार्ड संदीप मिश्रा, राजपाल, पप्पू लाल, यादराम और धीरेंद्र पाल सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सभी कर्मियों ने मौके की गंभीरता को समझते हुए तत्काल हस्तक्षेप किया और दंपति को आत्मदाह करने से रोकने में अहम भूमिका निभाई। उनकी तत्परता और कर्तव्यनिष्ठा की अधिकारियों ने सराहना की।

डीएम ने सभी कर्मियों को दिया नकद पुरस्कार

बड़ा हादसा टालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले आठों कर्मियों के उत्साहवर्धन के लिए जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने उन्हें सम्मानित किया। डीएम ने प्रत्येक कर्मी को 2,500 रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया। इस तरह आठों कर्मियों को कुल 20,000 रुपये का नकद पुरस्कार दिया गया। सम्मान मिलने से पुलिस एवं सुरक्षा कर्मियों का मनोबल बढ़ा और उनके साहस तथा कर्तव्यनिष्ठा को प्रोत्साहन मिला।

अमित कुमार और ओमपाल सिंह को फिर मिला सम्मान

इस कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले एलआईयू उपनिरीक्षक अमित कुमार और इंटेलिजेंस उपनिरीक्षक ओमपाल सिंह को एक बार फिर उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मान मिला है। संवेदनशील परिस्थितियों में दोनों अधिकारियों की सक्रियता और सूझबूझ की सराहना की गई। बार-बार जिम्मेदारी के साथ ड्यूटी निभाने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित किए जाने से विभाग के अन्य कर्मचारियों में भी बेहतर कार्य करने का उत्साह बढ़ता है। मंगलवार की घटना में भी दोनों उपनिरीक्षकों ने टीम के साथ मिलकर तत्काल कार्रवाई करते हुए स्थिति को गंभीर होने से पहले ही संभाल लिया।

पुलिस की तत्परता की हुई जमकर सराहना

कलेक्ट्रेट गेट पर हुई घटना में पुलिसकर्मियों ने जिस तेजी से कार्रवाई की, उसकी सराहना की जा रही है। दंपति के आत्मदाह की कोशिश को समय रहते रोककर पुलिस टीम ने संभावित गंभीर परिणामों को टाल दिया। ऐसे संवेदनशील मामलों में कुछ ही सेकंड की देरी भी स्थिति को गंभीर बना सकती है। पुलिसकर्मियों ने बिना घबराए तत्काल निर्णय लिया और टीमवर्क के साथ दंपति को सुरक्षित किया। प्रशासन की ओर से पुरस्कार देकर सम्मानित करना उनकी इसी तत्परता और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना माना जा रहा है।

कलेक्ट्रेट की सुरक्षा व्यवस्था के लिए अहम उदाहरण

कलेक्ट्रेट जिले का प्रमुख प्रशासनिक केंद्र होने के साथ ही रोजाना बड़ी संख्या में फरियादियों के आने का स्थान है। ऐसे में यहां सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की सतर्कता बेहद महत्वपूर्ण है। मंगलवार की घटना में पुलिस एवं सुरक्षा कर्मियों की सक्रियता ने इसका बेहतर उदाहरण पेश किया। दंपति की शिकायत और जमीन विवाद से जुड़े आरोपों की अपनी प्रक्रिया है, लेकिन आत्मदाह जैसे कदम को रोकना तत्काल प्राथमिकता थी। पुलिस टीम ने पहले संभावित हादसा रोका और उसके बाद दंपति को पुलिस के साथ ले जाया गया।

सम्मान से बढ़ा पुलिसकर्मियों का मनोबल

जिलाधिकारी अविनाश सिंह द्वारा मौके पर सक्रियता दिखाने वाले कर्मियों को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किए जाने की पहल से पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ा है। इससे ड्यूटी के दौरान सतर्कता, साहस और त्वरित निर्णय लेने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहन मिलेगा। कलेक्ट्रेट गेट पर मंगलवार को पुलिस की तत्परता ने न केवल एक बड़े हादसे को टाला, बल्कि यह भी संदेश दिया कि संवेदनशील परिस्थितियों में पुलिसकर्मियों की सतर्क निगाह और तत्काल कार्रवाई कितनी महत्वपूर्ण होती है। मंगलवार की घटना में पुलिस एवं सुरक्षा कर्मियों ने जिस तरह समय रहते स्थिति संभाली, वह उनकी कर्तव्यनिष्ठा और सतर्कता का उदाहरण है। जिलाधिकारी द्वारा आठों कर्मियों को 2,500-2,500 रुपये का नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किए जाने से उनके प्रयासों को प्रोत्साहन मिला है।