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मध्य प्रदेश: नर्मदा परिक्रमा मार्ग डायवर्ट, श्रद्धालुओं को 10 किमी अतिरिक्त चलना पड़ेगा 

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मध्य प्रदेश  Published by: Satyanarayan Panwar , Date: 12/01/2026 02:02:01 pm Share:
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  • 12/01/2026 02:02:01 pm
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संक्षेप

मध्य प्रदेश: दुलवाफाटा मार्ग डायवर्ट, यात्रियों को 10 किलोमीटर का अतिरिक्त फेर नेमावर क्षेत्र में नर्मदा परिक्रमा व पंचकोशी यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं की परेशानियाँ लगातार बढ़ती जा रही हैं।

विस्तार

मध्य प्रदेश: दुलवाफाटा मार्ग डायवर्ट, यात्रियों को 10 किलोमीटर का अतिरिक्त फेर नेमावर क्षेत्र में नर्मदा परिक्रमा व पंचकोशी यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं की परेशानियाँ लगातार बढ़ती जा रही हैं। प्रशासन द्वारा अचानक नर्मदा परिक्रमा मार्ग में बदलाव कर दिए जाने से यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पहले नेमावर से कुड़गांव, तुरनाल, दैत्या, चीचली, करौंद होते हुए परिक्रमा मार्ग सुचारू रूप से चलता था, जहाँ क्षेत्र के नर्मदा सेवक यात्रियों की सेवा में जुटे रहते थे, लेकिन अब मार्ग बदलकर नेमावर से दुलवाफाटा कर दिया गया है, जिससे यात्रियों को करीब 10 किलोमीटर अतिरिक्त पैदल चलना पड़ रहा है। रूट परिवर्तन के कारण क्षेत्र के नर्मदा सेवकों में भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि प्रशासन की इस मनमानी से उन्हें पंचकोशी यात्रियों की सेवा करने का अवसर नहीं मिल पा रहा है।

चीचली से दैत्या और करौंद तक लगभग 2.5–2.5 किलोमीटर का मार्ग बेहद जर्जर हालत में है, जिसकी सुध लेने वाला कोई नहीं। प्रशासन की नाकामी, जनप्रतिनिधि मौन। यह पूरा क्षेत्र तीन बार के विधायक आशीष शर्मा का विधानसभा क्षेत्र है, जहाँ भारतीय जनता पार्टी की सरकार होने के बावजूद सड़क, परिक्रमा मार्ग और मूलभूत सुविधाओं की हालत बद से बदतर बनी हुई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन अपनी नाकामी छुपाने के लिए रोड डायवर्ट कर रहा है। विधायक आशीष शर्मा जनहित के कार्यों में सक्रिय नहीं हैं। विकास के नाम पर सिर्फ दावे, ज़मीनी हकीकत शून्य श्रद्धा बनाम अव्यवस्था नर्मदा परिक्रमा जैसे पवित्र धार्मिक कार्य में इस तरह की अव्यवस्था ने सरकार और जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। श्रद्धालु जहाँ भक्ति भाव से नर्मदा माता की परिक्रमा कर रहे हैं, वहीं उन्हें प्रशासनिक लापरवाही और राजनीतिक उदासीनता का सामना करना पड़ रहा है।