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उत्तर प्रदेश: पुलिस-राजस्व टीम पर हमले में घायल दरोगा से मिले डीएम, आरोपियों पर गुंडा एक्ट व जिला बदर की कार्रवाई

- Photo by : social media

उत्तर प्रदेश  Published by: Ramkesh Vishwakarma , उत्तर प्रदेश  Edited By: Kunal Tewatia, Date: 09/10/2026 11:39:31 am Share:
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  • Published by.: Ramkesh Vishwakarma ,
  • Edited By.: Kunal Tewatia,
  • Date:
  • 09/10/2026 11:39:31 am
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने जनपद में भूमि विवाद पर घायल पुलिस कर्मी को अस्पताल में मिलने के उपरान्त उनका हाल जाना। उसके उपरान्त जिलाधिकारी ने भूमि विवाद का प्रकरण की जानकारी देते हुए बताया कि

विस्तार

उत्तर प्रदेश: जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने जनपद में भूमि विवाद पर घायल पुलिस कर्मी को अस्पताल में मिलने के उपरान्त उनका हाल जाना। उसके उपरान्त जिलाधिकारी ने भूमि विवाद का प्रकरण की जानकारी देते हुए बताया कि जनता दर्शन के दौरान प्रार्थिनी श्रीमती प्रर्मिला देवी द्वारा दिनांक 06 अगस्त, 2026 को भूमि पर अवैध कब्जे के संबंध में प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किया गया था। प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी द्वारा संबंधित राजस्व अधिकारियों को मौके पर जाकर प्रकरण का निस्तारण करने के निर्देश दिए गए थे। जिलाधिकारी के निर्देश के क्रम में राजस्व टीम द्वारा मौके पर जाकर भूमि की पैमाइश एवं आवश्यक कार्रवाई की गई तथा संबंधित भूमि पर कब्जा दिलाने की कार्रवाई के उपरांत मौके पर खंभा/सीमा चिन्ह स्थापित किया गया था। जिलाधिकारी ने बताया कि इसके बाद विपक्षी पक्ष द्वारा उक्त सीमा चिन्ह को उखाड़ दिया गया।


प्रकरण के दोबारा संज्ञान में आने पर जिलाधिकारी द्वारा राजस्व विभाग की टीम को पुलिस बल के साथ मौके पर जाकर पुनः पैमाइश एवं नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इसी क्रम में राजस्व एवं पुलिस टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई की जा रही थी। तभी विपक्षी पक्ष द्वारा लाठी-डंडों से पुलिस एवं राजस्व टीम पर हमला कर दिया गया। हमले में पुलिस टीम के एक उपनिरीक्षक सहित अन्य कर्मियों को चोटें आईं, जिन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों द्वारा जांच एवं उपचार के उपरांत घायल उपनिरीक्षक को खतरे से बाहर बताया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि फिलहाल चिंता की कोई बात नहीं है तथा घायल पुलिसकर्मी का आवश्यक उपचार कराया जा रहा है।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि पुलिस एवं प्रशासन की टीम पर हमला करना अत्यंत गंभीर एवं कानून-विरोधी कृत्य है। मामले में तत्काल प्रभाव से मुकदमा दर्ज कराते हुए आरोपियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही आरोपियों के विरुद्ध गुंडा एक्ट के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए जिला बदर की कार्रवाई भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा इस प्रकार की घटनाओं को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि किसी व्यक्ति को भूमि, राजस्व अथवा किसी अन्य प्रशासनिक प्रकरण में कोई शिकायत या समस्या है तो वह लोकतांत्रिक एवं कानूनी तरीके से अपनी शिकायत संबंधित अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत कर सकता है। प्रशासन प्रत्येक पात्र व्यक्ति की समस्या का नियमानुसार समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है।


जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी विवाद अथवा शिकायत का समाधान कानून अपने हाथ में लेकर नहीं, बल्कि विधिक एवं लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से किया जाना चाहिए। पुलिस, राजस्व अथवा प्रशासनिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ मारपीट करना, धमकी देना अथवा सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करना किसी भी दशा में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनहित में कार्य कर रही प्रशासनिक एवं पुलिस टीम के साथ अभद्रता, मारपीट अथवा हमला करने वालों के विरुद्ध कठोर से कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर प्रकरण में गुंडा एक्ट एवं गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत कार्रवाई के साथ ही परिस्थितियों के अनुसार राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (छै।) के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य जनपद में कानून-व्यवस्था बनाए रखना, आमजन को न्याय दिलाना तथा सरकारी सेवाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाना है। किसी भी व्यक्ति को अपनी शिकायत रखने का पूरा अधिकार है और प्रशासन उसकी शिकायत को नियमानुसार सुनकर कार्रवाई करेगा, लेकिन कानून व्यवस्था को चुनौती देने अथवा सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर हमला करने की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रकरण में शामिल व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा कानून-व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए।