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उत्तर प्रदेश: 13 साल की प्रशासनिक सेवा के बाद IAS दिव्या मित्तल का इस्तीफा, भावुक पोस्ट में कहा अपनी इच्छा से दिया विराम

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उत्तर प्रदेश  Published by: Irshad Ahmad , उत्तर प्रदेश  Edited By: Shubhi Shikha Nayal, Date: 31/08/2026 12:25:34 pm Share:
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  • Edited By.: Shubhi Shikha Nayal,
  • Date:
  • 31/08/2026 12:25:34 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: लखनऊ में कैडर की 2013 बैच की आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने करीब 13 वर्ष की प्रशासनिक सेवा के बाद भारतीय प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देने की घोषणा की है।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: लखनऊ में कैडर की 2013 बैच की आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने करीब 13 वर्ष की प्रशासनिक सेवा के बाद भारतीय प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देने की घोषणा की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा कर अपनी प्रशासनिक यात्रा, कार्यकाल के अनुभवों और लोगों से मिले स्नेह को याद किया। उनके इस्तीफे के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी। दिव्या मित्तल ने अपनी पोस्ट में कहा कि उन्होंने 13 वर्षों की अविस्मरणीय यात्रा को अपनी इच्छा से विराम देते हुए आईएएस से त्यागपत्र दिया है। उन्होंने अपने शुरुआती जीवन से लेकर प्रशासनिक सेवा में आने तक की यात्रा को याद करते हुए बताया कि IIT दिल्ली और IIM बैंगलोर से पढ़ाई करने के बाद उन्हें लंदन में नौकरी मिली थी। हालांकि विदेश में बेहतर करियर के बावजूद उन्हें अपने देश से दूर रहना खलता था। इसके बाद वह भारत लौटीं और आईएएस अधिकारी बनने का अवसर मिला।

देवरिया और मिर्जापुर से मिली महत्वपूर्ण सीख

दिव्या मित्तल ने अपने प्रशासनिक कार्यकाल के दौरान देवरिया और मिर्जापुर में मिले अनुभवों का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देवरिया ने उन्हें सिखाया कि सही के साथ खड़ा होना विकल्प नहीं, बल्कि कर्तव्य है। वहीं मिर्जापुर ने उन्हें यह सीख दी कि ‘असंभव’ कोई तथ्य नहीं, बल्कि एक राय है। उन्होंने मां विंध्यवासिनी का उल्लेख करते हुए कहा कि शक्ति किसी पद से नहीं, बल्कि उनकी कृपा और लोगों के विश्वास से आती है। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि अपने लिए देखे गए सपनों के पूरा होने के बाद उन्हें अपने लोगों के लिए देखे गए सपनों को जीने का अवसर मिला।

 जमीन, दिव्यांग और किसान से जुड़े अनुभवों को किया याद 

दिव्या मित्तल ने प्रशासनिक सेवा के दौरान आम लोगों से जुड़े अपने अनुभवों को भी साझा किया। उन्होंने ऐसे परिवार का जिक्र किया जिसे पहली बार जमीन का अधिकार मिला, ऐसे दिव्यांग व्यक्ति का उल्लेख किया जिसे सम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर मिला और ऐसे किसान की बात कही जिसके खेत तक पानी पहुंचा। उन्होंने लिखा कि लोगों के संघर्षों में साथ चलते हुए उन्होंने सीखा कि हर सरकारी फाइल के पीछे एक व्यक्ति होता है और उसकी गरिमा बनाए रखना ही न्याय है। उन्होंने कहा कि वह यह सोचकर सेवा में आई थीं कि लोगों को कुछ देने आई हैं, लेकिन वास्तव में सबसे ज्यादा उन्होंने ही पाया। जनता से मिले प्यार, सम्मान और विश्वास को उन्होंने अपनी बड़ी पूंजी बताया। साथ ही उन्होंने अपने साथ काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के योगदान के लिए भी आभार जताया।

 लहुरियादह की वृद्ध महिला का भावुक प्रसंग 

दिव्या मित्तल ने अपने संदेश में मिर्जापुर के लहुरियादह क्षेत्र की एक वृद्ध महिला का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि गांव में पहली बार पानी पहुंचने पर महिला ने कुछ नहीं कहा, बल्कि कांपते हाथों से उनके सिर को छूकर आशीर्वाद दिया। उन्होंने लिखा कि पद आज छूट गया है, लेकिन उस वृद्ध महिला का वह स्पर्श जीवनभर उनके साथ रहेगा। उनके अनुसार देश की मिट्टी ने जो सपना उन्हें दिया है, वह भी उनके जीवन से नहीं छूटेगा।

 अखिलेश यादव ने दी राजनीतिक प्रतिक्रिया 

दिव्या मित्तल के इस्तीफे की घोषणा के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार में ईमानदार अधिकारी काम नहीं कर पा रहे हैं। अखिलेश यादव ने भ्रष्टाचार और अधिकारियों पर दबाव से संबंधित आरोप भी लगाए तथा कहा कि ऐसे माहौल में कुछ ईमानदार अधिकारी समय से पहले सेवा छोड़ने का निर्णय ले रहे हैं। अखिलेश यादव की यह टिप्पणी उनकी राजनीतिक प्रतिक्रिया है। दिव्या मित्तल ने अपने सार्वजनिक संदेश में अपने इस्तीफे के पीछे सरकार, भ्रष्टाचार अथवा किसी राजनीतिक दबाव को कारण नहीं बताया है। उन्होंने अपने निर्णय को अपनी इच्छा से लिया गया फैसला बताया है। इसलिए दोनों बयानों को अलग-अलग संदर्भ में देखना उचित है।

 लंदन की नौकरी छोड़कर आईं भारत 

दिव्या मित्तल ने IIT दिल्ली और IIM बैंगलोर से शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने लंदन में नौकरी की। बाद में वह भारत लौटीं और सिविल सेवा परीक्षा में शामिल हुईं। वर्ष 2013 में उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा पास कर भारतीय प्रशासनिक सेवा में प्रवेश किया। उत्तर प्रदेश में उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालीं। वह संतकबीरनगर, मिर्जापुर और देवरिया की जिलाधिकारी रह चुकी हैं। बाद में उन्हें प्रदेश के राजस्व विभाग में विशेष सचिव की जिम्मेदारी भी मिली।

 आगे की राह को लेकर अभी कोई घोषणा नहीं 

इस्तीफे की घोषणा के बाद दिव्या मित्तल के भविष्य को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हुई हैं, लेकिन उन्होंने फिलहाल अपने अगले कदम को लेकर कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की है। उन्होंने अपनी पोस्ट में प्रशासनिक सेवा की 13 वर्ष की यात्रा को याद करते हुए जनता, सहयोगियों और अपने अनुभवों के प्रति आभार व्यक्त किया है। दिव्या मित्तल के इस्तीफे की घोषणा जहां उनके व्यक्तिगत निर्णय के रूप में सामने आई है, वहीं इस पर अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया के बाद मामला राजनीतिक चर्चा का विषय भी बन गया है। हालांकि, दिव्या मित्तल के अपने बयान के अनुसार इस्तीफा उनकी इच्छा से लिया गया निर्णय है और उन्होंने इसके पीछे किसी व्यक्ति, संस्था या सरकार के विरुद्ध कोई आरोप नहीं लगाया है।
 


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