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उत्तर प्रदेश: डीएम ने किसानों की बस को दिखाई हरी झंडी, पंतनगर रवाना हुआ दल
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संक्षेप
उत्तर प्रदेश: संतकबीरनगर में किसानों को श्री अन्न की आधुनिक खेती और उत्पादन की तकनीकी जानकारी देने के उद्देश्य से आयोजित पांच दिवसीय कृषक प्रशिक्षण एवं भ्रमण कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी आलोक कुमार ने किया।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: संतकबीरनगर में किसानों को श्री अन्न की आधुनिक खेती और उत्पादन की तकनीकी जानकारी देने के उद्देश्य से आयोजित पांच दिवसीय कृषक प्रशिक्षण एवं भ्रमण कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी आलोक कुमार ने किया। डीएम ने बस को हरी झंडी दिखाकर किसानों और कृषि विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों के दल को गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर के लिए रवाना किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के 50 किसान और 10 अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए हैं। यह प्रशिक्षण नेशनल मिशन फॉर फूड सिक्योरिटी के न्यूट्री सीरियल घटक तथा उत्तर प्रदेश मिलेट्स पुनरुद्धार कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है। श्री अन्न की आधुनिक खेती के सीखेंगे गुर पंतनगर स्थित कृषि विश्वविद्यालय में किसानों को श्री अन्न फसलों के उत्पादन एवं विधायन से संबंधित तकनीकी जानकारी दी जाएगी। कृषि वैज्ञानिक किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, उन्नत उत्पादन पद्धतियों और श्री अन्न की खेती को अधिक लाभकारी बनाने के तरीकों की जानकारी देंगे। प्रशिक्षण के दौरान किसान विश्वविद्यालय परिसर का भ्रमण भी करेंगे। इससे उन्हें कृषि अनुसंधान, नई तकनीकों और श्री अन्न उत्पादन से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी हासिल करने का अवसर मिलेगा। अनुभव दूसरे किसानों से साझा करने की अपील इस अवसर पर जिलाधिकारी आलोक कुमार ने किसानों को सफल प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण से प्राप्त जानकारी का लाभ केवल प्रतिभागी किसानों तक सीमित न रहे, बल्कि किसान वापस लौटकर अपने अनुभव और तकनीकी ज्ञान को अन्य किसानों के साथ भी साझा करें। इससे जिले में अधिक से अधिक किसानों को श्री अन्न की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा सकेगा। उप कृषि निदेशक डॉ. राकेश कुमार सिंह ने प्रशिक्षण एवं भ्रमण कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान जिला कृषि अधिकारी डॉ. सर्वेश कुमार समेत कृषि विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। पंतनगर से प्रशिक्षण प्राप्त कर लौटने के बाद किसानों द्वारा सीखी गई आधुनिक तकनीकों को अपने खेतों में अपनाने की उम्मीद है। इससे जनपद में श्री अन्न के उत्पादन को नई गति मिलने की संभावना है।
