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उत्तर प्रदेश: सरकारी आवास में मृत मिले उपनिरीक्षक, पुलिस लाइन में अधिकारियों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
- Photo by : social media
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: बस्ती में वाल्टरगंज थानाध्यक्ष उपनिरीक्षक सूर्य प्रकाश सिंह के असामयिक निधन से पूरे पुलिस विभाग में शोक की लहर है।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: बस्ती में वाल्टरगंज थानाध्यक्ष उपनिरीक्षक सूर्य प्रकाश सिंह के असामयिक निधन से पूरे पुलिस विभाग में शोक की लहर है। रविवार को पुलिस लाइन में उनके पार्थिव शरीर पर पुलिस अधीक्षक, अपर पुलिस अधीक्षक समेत अधिकारियों और कर्मचारियों ने पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। शोक सलामी के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान पुलिस लाइन का माहौल बेहद गमगीन रहा। पुलिस के अनुसार 29 अगस्त को दोपहर करीब एक बजे सूर्य प्रकाश सिंह अपने हमराही और चालक को सिविल लाइन चौकी पर रुकने के लिए कहकर कचहरी के पास स्थित सरकारी आवास पर आराम करने चले गए थे। शाम को जब उनसे संपर्क करने के लिए कई बार फोन किया गया और कोई जवाब नहीं मिला, तो हमराही ने इसकी सूचना चौकी प्रभारी को दी। इसके बाद पुलिसकर्मी उनके सरकारी आवास पर पहुंचे। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। आवाज देने के बावजूद प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर दरवाजा खोला गया, जहां उपनिरीक्षक मृत अवस्था में मिले। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस ने मामले में नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी। 1988 में आरक्षी पद पर हुए थे भर्ती पुलिस अभिलेखों के अनुसार सूर्य प्रकाश सिंह मूल रूप से आजमगढ़ के अतरौलिया क्षेत्र के भीलमपुर छपरा गांव के निवासी थे। वह 15 फरवरी 1988 को आरक्षी के पद पर पुलिस विभाग में भर्ती हुए थे। वर्ष 2008 में हेड कांस्टेबल और 2016 में वरिष्ठता के आधार पर उपनिरीक्षक पद पर पदोन्नत हुए। करीब 38 वर्षों के सेवाकाल में उन्होंने पुलिस विभाग में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाईं। सहकर्मियों के अनुसार वह अनुशासित और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी के रूप में जाने जाते थे। पुलिस लाइन में दी अंतिम विदाई रविवार को पुलिस लाइन में पार्थिव शरीर पहुंचने पर बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी श्रद्धांजलि देने पहुंचे। अधिकारियों ने पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें अंतिम विदाई दी। शोक सलामी के दौरान कई पुलिसकर्मियों की आंखें नम हो गईं। परिजनों के पहुंचने पर माहौल और भावुक हो गया। पुलिस विभाग ने दिवंगत अधिकारी के निधन पर गहरा दुख जताते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। अधिकारियों ने कहा कि दुख की इस घड़ी में पूरा पुलिस परिवार परिजनों के साथ खड़ा है। इस घटना ने पुलिसकर्मियों के बीच तनाव और मानसिक दबाव को लेकर भी संवेदनशीलता की जरूरत सामने रखी है। विशेषज्ञों के अनुसार तनाव या किसी गंभीर परेशानी की स्थिति में अकेले रहने के बजाय परिवार, मित्र, सहकर्मी या किसी भरोसेमंद व्यक्ति से बातचीत करना और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ की मदद लेना जरूरी है।
