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उत्तर प्रदेश: बरेली में गोवंश वध के मामले में दो वांछित आरोपी गिरफ्तार, अवशेष मिलने के बाद पुलिस ने खोला राज

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उत्तर प्रदेश  Published by: Raju(UP) , उत्तर प्रदेश  Edited By: Shubhi Shikha Nayal, Date: 31/08/2026 11:45:59 am Share:
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  • Edited By.: Shubhi Shikha Nayal,
  • Date:
  • 31/08/2026 11:45:59 am
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: बरेली पुलिस ने गोवंश वध के मामले में फरार चल रहे दो वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: बरेली पुलिस ने गोवंश वध के मामले में फरार चल रहे दो वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी कथित तौर पर गोवंश वध की फिराक में घूम रहे थे। पुलिस ने उन्हें चेकिंग के दौरान जंगल क्षेत्र से पकड़ा। पूछताछ में आरोपियों से पूर्व में हुई घटना को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी मिलने का दावा किया गया है। पुलिस के मुताबिक बीते 23 अगस्त को नकटिया पुल के पास हाईवे किनारे झाड़ियों में गोवंश के अवशेष मिलने के बाद मामले की जांच शुरू की गई थी। पुलिस टीम आरोपियों की तलाश में जुटी थी। इसी क्रम में रविवार सुबह गश्त और चेकिंग के दौरान कृष्णा कॉलोनी मार्ग पर सरकारी ट्यूबवेल के पास जंगल में दो संदिग्ध युवक दिखाई दिए। पुलिस ने दोनों को रोककर पूछताछ की और बाद में गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पैकर इल्मास वारसी खान पुत्र महमूद रजा, निवासी रोहिली टोला, थाना बारादरी और नन्हे बाबू उर्फ अतीक खान पुत्र सरवर, निवासी ठिरिया निजावत खां, थाना कैंट के रूप में हुई है।

पूछताछ में पुलिस को मिली अहम जानकारी

पुलिस के अनुसार तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से कुछ सामान और अवैध असलहा बरामद हुआ, जिसके आधार पर उनके खिलाफ अलग से मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वे परसौना और ठिरिया के बीच जंगल क्षेत्र में आवारा गोवंशीय पशुओं को पकड़कर उनका वध करते थे।पुलिस का दावा है कि आरोपी वध के बाद मांस को बरेली शहर के अलग-अलग स्थानों पर सप्लाई करते थे, जबकि पशुओं के अवशेष और खाल को खेतों अथवा नकटिया नदी के किनारे फेंक देते थे। इसी क्रम में 23 अगस्त को नकटिया पुल के पास झाड़ियों में गोवंश के अवशेष मिलने की घटना सामने आई थी। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय में पेश किया। अदालत के आदेश के बाद दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया। पुलिस अब मामले में आरोपियों से जुड़े अन्य लोगों और कथित सप्लाई नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है। साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि पूर्व में इस तरह की कितनी घटनाओं को अंजाम दिया गया और इसमें अन्य कौन-कौन लोग शामिल रहे हैं।


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