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हरियाणा: आरपीएस स्कूल के एनएसएस राष्ट्रीय एकता शिविर में ‘मिनी भारत’ की दिखी झलक, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
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संक्षेप
हरियाणा: शिक्षा सदन पंचकूला के निदेशालय उच्चतर शिक्षा विभाग, हरियाणा के निर्देशानुसार आरपीएस सीनियर सेकेंडरी स्कूल, खातोद महेंद्रगढ़ में राष्ट्रीय सेवा योजना का सात दिवसीय 'राष्ट्रीय एकता शिविर'
विस्तार
हरियाणा: शिक्षा सदन पंचकूला के निदेशालय उच्चतर शिक्षा विभाग, हरियाणा के निर्देशानुसार आरपीएस सीनियर सेकेंडरी स्कूल, खातोद महेंद्रगढ़ में राष्ट्रीय सेवा योजना का सात दिवसीय 'राष्ट्रीय एकता शिविर' 'यूथ फॉर माय भारत एवं यूथ फॉर डिजिटल लिटरेसी' थीम पर आधारित रहा। शिविर के छठे दिन सोमवार को सांस्कृतिक और बौद्धिक गतिविधियों की धूम रही, जिसमें देशभर से आए स्वयंसेवकों ने 'मिनी भारत' की अनूठी झलक पेश की। इस मौके पर मुख्य अतिथि विधायक कंवर सिंह यादव, पूर्व चाइल्ड वेलफेयर अधिकारी विपिन शर्मा, स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. दिनेश शर्मा जिला कोऑर्डिनेटर चरण सिंह बड़ेसरा,केंद्रीय कार्य समिति सदस्या तृप्ति सैनी विशिष्ट अतिथि रहे। शिविर के छठे दिन के मुख्यातिथि महेंद्रगढ़ विधायक कंवर सिंह यादव ने कहा कि विविधता में एकता ही हमारे भारत की असली ताकत है। आरपीएस संस्थान में देश के कोने-कोने से आए युवाओं को एकजुट देखकर मुझे गर्व हो रहा है कि यह शिविर वास्तव में एक सशक्त और अखंड भारत का संदेश दे रहा है।आरपीएस संस्थान में आयोजित यह शिविर केवल प्रशिक्षण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक समरसता और अखंड भारत की भावना को सुदृढ़ करने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग भाषाओं, संस्कृतियों और परंपराओं के बावजूद सभी भारतीय एक सूत्र में बंधे हुए हैं और यही हमारी सबसे बड़ी पहचान है। पूर्व चाइल्ड वेलफेयर अधिकारी विपिन शर्मा ने अपने व्याख्यान में कहा कि नशा मुक्ति और मोबाइल के दुरुपयोग से बचना आज के युवाओं के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। स्वयंसेवकों को समाज से इन सामाजिक कुरीतियों को मिटाने के लिए आगे आना होगा। आरपीएस ग्रुप की चेयरपर्सन डॉ. पवित्रा राव ने कहा कि ऐसे राष्ट्रीय शिविर विद्यार्थियों में देशभक्ति और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना का बीजारोपण करते हैं। केंद्रीय कार्य समिति सदस्या तृप्ति सैनी ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि डिजिटल युग में युवाओं को तकनीक का सही उपयोग करना सीखना होगा। इससे पूर्व, कार्यक्रम के स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. दिनेश शर्मा और जिला कोऑर्डिनेटर चरण सिंह बड़ेसरा ने संयुक्त रूप से शिविर की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। मंच का कुशल संचालन कार्यक्रम अधिकारी धर्म सिंह ने किया। सांस्कृतिक सत्र के दौरान छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा सहित विभिन्न राज्यों के प्रतिभागियों ने अपनी लोक संस्कृति से ओतप्रोत रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए। स्वयंसेवकों ने एक मर्मस्पर्शी लघु नाटिका के माध्यम से दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों पर करारा कटाक्ष किया।इस अवसर पर प्रवक्ता रेखा, जीव विज्ञान प्रवक्ता कमलेश, अनीता, खुशवंत, शुभम, अनूप, सुनीता, सुहैल, जूही, कप्तान सिंह, शानू, धर्मवीर सहित प्राध्यापक और देशभर से आए एनएसएस स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
हमारा संस्थान देश के विभिन्न राज्यों से आए सभी अतिथियों और स्वयंसेवकों का इस वीर धरा पर हार्दिक स्वागत करता है। ग्रुप के सीईओ इंजी. मनीष राव ने तकनीकी पहलू पर जोर देते हुए कहा कि यूथ फॉर डिजिटल लिटरेसी के माध्यम से हमारे युवा ग्रामीण क्षेत्रों को डिजिटल रूप से साक्षर बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे। यह कैंप युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने का एक बेहतरीन मंच है। डिप्टी सीईओ कुनाल राव ने कहा कि इस शिविर की सफलता आयोजन समिति और देश भर से आए ऊर्जावान स्वयंसेवकों की मेहनत का परिणाम है। सांस्कृतिक आदान-प्रदान से युवा एक-दूसरे के राज्यों की कला और परंपराओं को करीब से समझ पा रहे हैं। प्राचार्य डॉ. किशोर तिवारी ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आरपीएस परिसर में राष्ट्रीय एकता का यह दृश्य अत्यंत सराहनीय है। हम सभी प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं जिन्होंने अपनी प्रस्तुतियों से इस मंच को जीवंत बना दिया।
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