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राजस्थान: नागौर में राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस पर कार्यशाला आयोजित, उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों का हुआ सम्मान

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राजस्थान  Published by: Manoj Kumar Chordiya , राजस्थान  Edited By: Kunal, Date: 30/06/2026 11:30:10 am Share:
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  • Edited By.: Kunal,
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  • 30/06/2026 11:30:10 am
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संक्षेप

राजस्थान: भारतीय सांख्यिकी के जनक प्रो. पी.सी. महालनोबिस की जयंती के उपलक्ष्य में सोमवार को 20वें राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस के अवसर पर कृषि महाविद्यालय, नागौर में कार्यशाला का आयोजन किया गया।

विस्तार

राजस्थान: भारतीय सांख्यिकी के जनक प्रो. पी.सी. महालनोबिस की जयंती के उपलक्ष्य में सोमवार को 20वें राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस के अवसर पर कृषि महाविद्यालय, नागौर में कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सांख्यिकी के महत्व, प्रशासनिक आंकड़ों के प्रभावी उपयोग तथा सुदृढ़ नीति निर्माण में उनकी भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा प्रो. पी.सी. महालनोबिस के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। मुख्य अतिथि पूर्व विधायक मोहनराम चौधरी ने कहा कि सटीक और विश्वसनीय आंकड़े ही प्रभावी योजनाओं और नीतियों की आधारशिला होते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में डेटा केवल अभिलेखों तक सीमित नहीं है, बल्कि शासन की दृष्टि, योजनाओं की दिशा और विकास की वास्तविक तस्वीर प्रस्तुत करता है। उन्होंने सांख्यिकी कर्मियों से पूर्ण निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए सरकार के नीति निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने का आह्वान किया।

विशिष्ट अतिथि सेवानिवृत्त संयुक्त निदेशक मिसाराम प्रजापत ने राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण (एनएसएस) की राजस्थान में भूमिका पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसके माध्यम से उपभोक्ता व्यय, रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास, पेयजल, स्वच्छता, दिव्यांगजन, घरेलू पर्यटन सहित अनेक सामाजिक एवं आर्थिक विषयों पर विश्वसनीय आंकड़े एकत्र किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि इन आंकड़ों का उपयोग नीति निर्माण, राष्ट्रीय आय के आकलन, अनुसंधान तथा क्षेत्रीय असमानताओं की पहचान में किया जाता है।
उप निदेशक आर्थिक एवं सांख्यिकी राम कुमार राव ने प्रो. पी.सी. महालनोबिस के जीवन एवं योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने भारत में बड़े पैमाने पर नमूना सर्वेक्षण की नींव रखी तथा महालनोबिस दूरी जैसी महत्वपूर्ण सांख्यिकी पद्धति विकसित की, जिसके कारण उन्हें भारतीय सांख्यिकी का जनक कहा जाता है। कार्यशाला के दौरान जिले एवं ब्लॉक की एसडीजी स्टेट्स रिपोर्ट-2026, जिला एवं ब्लॉक फोल्डर तथा रूपरेखा का विमोचन किया गया। सांख्यिकी के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने पर सांख्यिकी अधिकारी संजय कुमार सोनी, प्रोग्रामर जयदीप चारण, सहायक लेखाधिकारी रामेश्वरलाल तांडी, सहायक सांख्यिकी अधिकारी मनीषा तथा सांख्यिकी निरीक्षक सहदेव डूकिया को प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण 83 वर्षीय सेवानिवृत्त सहायक सांख्यिकी अधिकारी नन्दकिशोर शर्मा रहे, जिन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए अधिकारियों एवं कर्मचारियों का मार्गदर्शन किया। इस अवसर पर उनका शॉल एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मान किया गया।

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