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उत्तर प्रदेश: नजरबंदी का दावा कर सरकार पर बरसे युवा कांग्रेस नेता सुधांशु तिवारी, लगाए तानाशाही के आरोप
- Photo by : social media
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: प्रदेश में लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की आजादी का गला घोंटने का एक और तानाशाही पूर्ण रवैया सामने आया है। अयोध्या राम मंदिर में हुए चंदा चोरी के खिलाफ निरंतर आवाज बुलंद कर रहे गाजीपुर पी.जी.
विस्तार
उत्तर प्रदेश: प्रदेश में लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की आजादी का गला घोंटने का एक और तानाशाही पूर्ण रवैया सामने आया है। अयोध्या राम मंदिर में हुए चंदा चोरी के खिलाफ निरंतर आवाज बुलंद कर रहे गाजीपुर पी.जी. कॉलेज के पूर्व छात्र संघ महामंत्री एवं पूर्व यूथ कांग्रेस अध्यक्ष सुधांशु तिवारी को कल रात 11 बजे से उनके ही घर में पुलिस प्रशासन द्वारा हाउस अरेस्ट (नज़रबंद) कर दिया गया है। इस दमनकारी कार्रवाई पर कड़ा आक्रोश व्यक्त करते हुए युवा नेता सुधांशु तिवारी ने कहा, "वाह रे योगी राज! अब तो तानाशाही की सारी हदें पार हो चुकी हैं। क्या इस सरकार में न्याय की लड़ाई लड़ना पूरी तरह से वर्जित है? मेरा कसूर सिर्फ इतना है कि मैंने राम मंदिर के नाम पर हुई चंदा चोरी के खिलाफ आवाज उठाई। इतिहास गवाह है, सरकारें आईं और गईं, लेकिन ऐसी 'हिटलरशाही' आज तक किसी ने नहीं देखी। तिवारी ने सरकार को साफ चेतावनी देते हुए कहा कि युवाओं की आवाज को सलाखों, पुलिस के पहरे या नजरबंदी से दबाया नहीं जा सकता। आज सरकार ने एक आवाज को रोका है, लेकिन कल देश और प्रदेश का हर युवा एकजुट होकर इस अन्याय और दमन के खिलाफ सड़कों पर खड़ा होगा। उन्होंने हुंकार भरते हुए कहा कि इस दमनकारी नीति के आगे वे झुकने वाले नहीं हैं और जनता के हक की लड़ाई आखिरी सांस तक जारी रहेगी। हर ज़ोर-ज़ुल्म की टक्कर में, संघर्ष हमारा नारा है।
